Manoj Gautam
11 years 4 months ago
"गुरुजन बन्धुओं को सर्वप्रथम तो स्वतः यह संकल्प लेना होगा कि हम ‘सद्भाव एवं सद्व्यवहार प्रधान शिष्ट एवं संयमित जीवन को ही आधार बना, चलते-चलाते हुए, ‘सत्यं प्रधान
शिष्ट एवं संयमित जीवन को ही आधार बना, चलते-चलाते हुए, ‘सत्यं बद्, धर्मं चर’ (सत्य बोलें और धर्म पर रहें-चलें !) जो जीवन का सर्वोत्तम लक्ष्य है, को ही एकमात्र लक्ष्य बनाकर आगे-पढे़-पढ़ायेंगे बढ़े बढ़ायेंगे |"
निष्काम कर्म की पद्धति को प्रभावी तरीके से लागू करना-कराना चाहिए ।
सच्चे सम्पन्न-विकसित नागरिकता हेतु निष्कामी कर्मचारी अधिकारी
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