krishna Kant Kulshrestha
4 years 9 months ago
आर्थिक असमानता में भारत की बदतर स्थिति सुर्खियां पाती है। आर्थिक असमानता की मुख्य निजी क्षेत्र द्वारा वजह कानून प्रदत्त एवं उचित वेतन और मजदूरी से इन्कार है। भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के कारण निजी क्षेत्र सही वेतन व मजदूरी देने से बचता है। भ्रष्टाचार रोककर कानून प्रदत्त वेतन व मजदूरी सुनिश्चित की जाए। मनरेगा ने श्रम बाजार में बेहतरीन बेंचमार्क दे दिया जिस से बाजार में मजदूरी स्वतः ही बढ़ गई। निजी क्षेत्र उचित मजदूरी देने को बाध्य हो गया। आवश्यकता है, उच्चतर बेंचमार्क स्थापित करके निजी क्षेत्र को देय वेतन व मजदूरी देने को बाध्य किया जाए। सरकारों को कम वेतन पर अस्थायी कर्मचारी रखने की प्रवृत्ति इसी वजह से तुरंत रोकनी चाहिए। श्रम कानून ऐसे बनाए जाएं जिससे श्रम अधिकारी निजी क्षेत्र से साठगांठ करके वेतन अधिकार से वंचित न कर पाएं। पूरा वेतन मिलेगा आय का उचित वितरण होगा तो आर्थिक असमानता कम होगी। ज्यादा लोग व्यय करेंगे तो भारत आर्थिक सुपर पावर बनेगा। मेरा अनुरोध है कि मेरे इस सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जाए। सादर।
के के कुलश्रेष्ठ, आर्थिक पत्रकार, मोबाइल नं. 9717591561
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