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इंडियन पोर्ट्स बिल, 2020 के ड्राफ्ट पर सुझाव आमंत्रित

आरंभ करने की तिथि :
Dec 12, 2020
अंतिम तिथि :
Dec 24, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने सार्वजनिक परामर्श के लिए ...

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने सार्वजनिक परामर्श के लिए इंडियन पोर्ट्स बिल्स 2020 के मसौदे को सर्कुलेट किया है। यह भारतीय बंदगाह अधिनियम 1908 (1908 के अधिनियम संख्या 15) को निरस्त और प्रतिस्थापित करेगा।

इंडियन पोर्ट्स बिल 2020 का मसौदा, अन्य बातों के साथ प्रभावी प्रशासन और बंदरगाहों के प्रबंधन द्वारा भारतीय तटरेखा के इष्टतम उपयोग हेतु बंदरगाह क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए बंदरगाहों की संरचित वृद्धि और सतत विकास को सक्षम करता है। प्रस्तावित विधेयक बंदरगाहों को संरक्षण की सुविधा प्रदान करने के उपाय प्रदान करेगा, जो मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए अधिक संख्या में गैर-परिचालन बंदरगाहों के संबंध में होगा। यह नए बंदरगाहों के निर्माण और मौजूदा बंदरगाहों के प्रबंधन के लिए व्यापक विनियामक ढांचे के निर्माण के माध्यम से भारतीय समुद्री और बंदरगाहों के क्षेत्र में अधिक निवेश सुनिश्चित करेगा।

इस विधेयक में निम्नलिखित व्यापक तरीकों के माध्यम से भारत में बंदरगाहों के क्षेत्र के विकास और सतत विकास के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने की कोशिश की गई है:

1.समुद्री बंदरगाह नियामक प्राधिकरण का पुनर्गठन

2.तटीय राज्य सरकारों, राज्य समुद्री बोर्डों और अन्य हितधारकों के परामर्श से राष्ट्रीय बंदरगाह नीति और राष्ट्रीय बंदरगाह योजना का निर्माण।

3.बंदरगाह क्षेत्र में किसी भी प्रतिस्पर्धी विरोधी प्रथाओं को रोकने और एक त्वरित और किफायती शिकायत निवारण तंत्र के रूप में कार्य करने के लिए समुद्री बंदरगाहों न्यायाधिकरण और समुद्री बंदरगाहों अपीलीय न्यायाधिकरण नामक विशेष न्यायनिर्णयन अधिकरणों का निर्माण ।

प्रस्तावित विधेयक के अद्यतन प्रावधानों से बंदरगाहों की सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण, प्रदर्शन मानकों और स्थायित्व सुनिश्चित होगा। विधेयक यह सुनिश्चित करता है कि सभी अप-टू-डेट सम्मेलनों /प्रोटोकॉल जिसमें भारत एक पक्ष है, को भी इसमें शामिल किया जाए। यह सही मायने में समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देगा। यह विधेयक पोर्ट्स और पोर्ट नेटवर्क के वैज्ञानिक विकास को प्राप्त करने के लिए कमियों को दूर करेगा।

विधेयक भारतीय समुद्री और बंदरगाहों के क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी निवेश के लिए अधिक अवसर प्रदान करता है, ताकि बंदरगाहों के प्रवेश, प्रक्रिया को आसान बनाने और एजेंसियों और निकायों की स्थापना के लिए बाधाओं को दूर किया जा सके। "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" को बढ़ाते हुए यह सरकार के आत्मनिर्भर भारत पहल की दिशा में समुद्री क्षेत्र में आत्मनिर्भर घरेलू निवेश के माहौल को अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।

भारतीय पोर्ट बिल 2020 के मसौदे को सार्वजनिक परामर्श के लिए सार्वजनिक रुप से जारी किया गया है।

दस्तावेज देखने के लिए क्लिक करें:

1) ड्राफ्ट इंडियन पोर्ट्स बिल, 2020

2) पोर्ट बिल 2020 पर टिप्पणियों की मांग के लिए प्रारूप

सुझाव भेजेने की अंतिम तिथि 24 दिसंबर, 2020 है।

फिर से कायम कर देना
460 सबमिशन दिखा रहा है
Sai Prasana
Sai Prasana 5 साल 5 महीने पहले
I would like to propose: There shall be wind & water Turbines. Fire & Sea dept Rescue services at 2 spot for 1kms each. Plants to Desalinate water & generate power from collecting garbage. Govt aided School of Fishery Training & institute of Oceanography infrastructure. Seperate Pollution control & management Authority. Aquarium & Aquatic farming research center with Antique depository Museum. Improved Alarm & distress handling Communication standard & Advanced Ship break recycle mechanisation.
Abhay Pralhad Vaidya
Abhay Pralhad Vaidya 5 साल 5 महीने पहले
नमस्कार, यात बंदरावर प्रत्यक्ष कामं करणारे, कर्मचारी, अधिकारी वर्ग, तेथे जास्त सम्बधित व्यक्ती, वारंवार ये जा होणाऱ्या व्यक्ती, सम्बधित व्यावसायिक आदींशी जास्तीत जास्त व प्रत्यक्षच चर्चा करावी, या बरोबरच अनाठायी त्रास होईल व चांगल्या कामाला खोडा घातला जाणार नाही याकडेही व्यवस्थित लक्ष ठेवावं, सर्व चर्चा आदीची माहिती आधीच जनते समोर येईल व कोणाचीही दिशाभूल होणार नाही अशी काळजी घेणे, सर्वांनाच अगोदर पूर्णपणे माहिती पोहिचवावी, विचार व्हावा, पोच मिळावी, धन्यवाद,
Abhay Pralhad Vaidya
Abhay Pralhad Vaidya 5 साल 5 महीने पहले
नमस्कार, या विषयाशी सर्व सामान्य नागरिकांचा सम्बध येत नाही, तरी जे सुचलं ते लिहून पाठवीत आहे, बंदरावरून येणारा व जाणाऱ्या प्रत्येक सामुग्रीची नोंदणी प्रमाणेच आवक जावक होत आहे ना, काही देश विरोधी होत नाही ना, यामुळे आपल्या कडील कोणत्याही नागरिकांचे नुकसान होत नाही ना, शेतकरी, छोटे मोठे उद्योग व्यवसाय याचेही काही नुकसान होणार नाही याची दक्षता घ्यावी, येणाऱ्या व जाणाऱ्या सामुग्रीची जेथे उतरणे आणि चढविणे जेथे जेथे होते तेथील जिल्हाधिकारीही यावर लक्ष ठेवतील असे पहावं, विचार व्हावा, धन्यवाद 🙏🙏
Susanta Kumar Pattnaik
Susanta Kumar Pattnaik 5 साल 5 महीने पहले
Present port bill indeed India needs to promote port as a component to National income.Again it generates economic allocation and social growth simultaneously.It aims at total development of port on National dignity and respect to ensure.Port bill gives new birth to a few countable connectivity to connect India and connects people with high quality and service to cater India needs.Port bill envisaged to get together and generates a national level vanture looks wide India needs to promote the bes
AKHILESH PRASAD SINGH
AKHILESH PRASAD SINGH 5 साल 5 महीने पहले
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RISHAV KUMAR
RISHAV KUMAR 5 साल 5 महीने पहले
निवेश किसी भी प्रकार का हो खतरे से खाली नहीं है और सरकारी क्षेत्र मे निवेश के क्या कहने, पता नही कब प्राइवेट क्षेत्र के हाथो मे दे दिया जाए भरोसा नही, फायदा तो दूर नुकसान का रोना रोए तो किस के पास I इंडियन पोर्ट क्षेत्र मे सुधार करने की ज़रूरत है बल्कि ऐसे मार्ग पर यातायात शुरू करने से पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा ज़रूरत है समुद्री मार्ग पर यातायात शुरू कर विस्तार करने की, इस मार्ग पर आधुनिक बोट, छोटे और बड़े जहाज़ शुरू करने की, यक़ीनन प्रतिसाद मिलेगा सिर्फ ईच्छा शक्ति की ज़रूरत है।
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 5 साल 5 महीने पहले
निवेश किसी भी प्रकार का हो खतरे से खाली नहीं है और सरकारी क्षेत्र मे निवेश के क्या कहने, पता नही कब प्राइवेट क्षेत्र के हाथो मे दे दिया जाए भरोसा नही, फायदा तो दूर नुकसान का रोना रोए तो किस के पास I इंडियन पोर्ट क्षेत्र मे सुधार करने की ज़रूरत है बल्कि ऐसे मार्ग पर यातायात शुरू करने से पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा ज़रूरत है समुद्री मार्ग पर यातायात शुरू कर विस्तार करने की, इस मार्ग पर आधुनिक बोट, छोटे और बड़े जहाज़ शुरू करने की, यक़ीनन प्रतिसाद मिलेगा सिर्फ ईच्छा शक्ति की ज़रूरत है।