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ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के लिए मसौदा विजन डाक्यूमेंट हेतु सुझावों का आमंत्रण

आरंभ करने की तिथि :
Apr 08, 2021
अंतिम तिथि :
May 31, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी, ई-कोर्ट्स परियोजना के कार्यान्वयन की ...
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varsha rajesh Desai
5 साल 3 महीने पहले
sir one yrs.before suprem court judgement given on equal rights to daughter's in property of father's etc and directed to all courts for implementation thereon with a heavy regret to say gujrat high court in which so many cases are pending the high court can avail opportunity and give judgments and good numbers of cases can dispose. or vai e courts can take up the pending matter
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Sanjib Kumar Mallick
5 साल 3 महीने पहले
Sir it will be very effective. All evidence will be protect cost effective for Govt and citizen. Any one can attend from any where the court proceedings. It will be safety also for court evidence. It will be proved mile stone.
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Prajeev Prabhakaran
5 साल 3 महीने पहले
The Tech Platform being considered should be Open Source and 100% Open Standards Complying. If not will end up like Proprietary Tech enabled GSTN which is still a pain. That pain will never go away till the entire Platform migrated to an Open Standards System. Even in 2009 Manifesto BJP promised about adopting Open Source. We celebrated then. But it turned out to be another Jumla we realize now :) https://osindia.blogspot.com/2009/03/bjps-it-vision-supports-open-source-and.html
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Jitendra Kumar Gupta
5 साल 3 महीने पहले
E-Courts are good option even though AI can be used to solve some basic problems. It will help in speedy trial plus cost effective with documentary evidences.
But before that we must ensure that we have well qualified personnel like lawyers, policemen who can use this system effectively and efficiently. Also there is the need of sound infrastructure to run E court smoothly in whole country.
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Divyanshu Ranjan Ojha
5 साल 3 महीने पहले
Respected Prime Minister of India I am Divyanshu Ranjan Ojha I have suggested you on ecort service online mode devloped on Covid 19 Mode started Please Sir .
Thankyou
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Dileepkumar_64
5 साल 3 महीने पहले
e कोर्ट में ऐसी सुविधाओं को जोड़ने की जरुरत जिससे कोर्ट के साथ साथ आम नागरिक को सहुलियत हो। केश में सामील सभी पक्षधर को समय पर सूचना के साथ बहस की भी सुविधा हो।
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Mygov suheel khan
5 साल 3 महीने पहले
courts ko right decision Lena chahiye aur brashtachar ke khilaf aur rapists ke khilaf aur India ke bade se bade faisle ko sahi decision ho aur government ke saath haath milake chalna democracy ki hifazat karna chahiye
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Taufeeq Ahmad
5 साल 3 महीने पहले
महोदय, किसी भी न्यायालय में जज बनने हेतु कम से कम पांच वर्ष की प्रैक्टिस अधिवक्ता के रूप में अनिवार्य की जानी चाहिए जिससे न्यायालय के निर्णयों में गुणवत्ता आ सके ,सीधे llb करके जज बनने वाले अदालती प्रक्रिया को समझने में सालों लगा देते हैं इसके अतिरिक्त हर उस मजिस्ट्रेट कोर्ट जहाँ भी न्यायिक कार्यवाही होती है उनके लिए llb अनिवार्य की जानी चाहिए ,चाहे वो पुलिस के मजिस्ट्रेट हो या प्रशासन के न्यूनतम शैक्षिक योग्यता llb व पांच साल की प्रैक्टिस अधिवक्ता रूप में अनिवार्य होनी चाहिए
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navlik rakholia
5 साल 3 महीने पहले
Good
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kartikey Shukla
5 साल 3 महीने पहले
we should care this time ..and be safe drink hot water and all I hope this will end soon we should spread positivity around us It will end soon
and follow all the rules that give our government .. I thank to our government that the are caring..
thank you
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