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ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के लिए मसौदा विजन डाक्यूमेंट हेतु सुझावों का आमंत्रण

आरंभ करने की तिथि :
Apr 08, 2021
अंतिम तिथि :
May 31, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी, ई-कोर्ट्स परियोजना के कार्यान्वयन की ...
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NAVIN CHANDRA PATHAK
5 साल 2 महीने पहले
ई-न्यायालय के सफलतपूर्वक परिचालन हेतु देश के सभी प्रकार के न्यायालयों का पूर्णत: डिजिटलाइजेशन होना अत्यंत आवश्यक है |सभी जगहों पर इसके लिए अत्यंत आवश्यक सामग्रियों यथा हार्डवेयर, पावर सप्लाई, विश्वसनीय एवं प्रभावी ब्रॉड बैंड कनेक्शन इत्यादि के साथ विद्युत आपूर्ति के बंद होने की स्थिति में ई-न्यायालय के निर्बाध परिचालन के लिए एक अच्छे कैपेसिटी के निरंतर पावर सप्लाई का होना अनिवार्य है | साथ ही न्यायालय के कार्यवाही को पारदर्शी बनाने के लिए न्यायालय परिसर में सी.सी.टी.वी. कैमरा लगाना जरूरी है |
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Zenexix
5 साल 2 महीने पहले
Appointment of judges should b done through independent system, like how UPSE select IAS.
Court cases should be stream online, today we know all the hearing at the same time through media sources, streaming it online is the same thing.
Diversification of court should be done withing the court so that cases can be categorised & hearing should b fone faster.
Less Expensive to sue: going court is expensive whch demoralise ppl to go, capping the fees or going to ecourt is the best.
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NAVIN CHANDRA PATHAK
5 साल 2 महीने पहले
विश्व के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में से एक हमारा भारतीय संविधान इस बात के लिए ज्यादा मशहुर है कि इसमें किसी निर्दोष को दंड देने का प्रावधान नहीं है चाहे इसके लिए अनेको दोषी लोग छुट जाए | न्यायिक प्रक्रियाओं को चुस्त दुरुस्त करने एवं न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के उद्देश्य से वर्ष 2004 में सर्वोच्च न्यायालय की ई-कमिटी का गठन निश्चय ही स्वागत योग्य कदम है जो ई-कोर्ट परियोजनाओं का संचालन करती है |
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Rohit Kumar Sharma
5 साल 2 महीने पहले
आदरणीय महोदय जी से मेरी यही प्रार्थना है कि उच्च पदासीन लोग (रजिस्टार, थाना अध्यक्ष, सभासद, एमएलए,..) सभी सेक्टरों में घुस लेते है, इनके घुस के बिना आगे कोई काम नही होता भले रिपोर्ट में पदासिन द्वारा नेगेटिव बातें लिख दी जाती है जिससे नागरिक का काम वही स्थिर हो जाता है, और वो खुद को साबित करने के लिए कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते है।
अतः महोदयजी खुद को साबित करने के लिए आधारकार्ड, रसनकार्ड, वोटरकार्ड, हाईस्कूल सर्टिफिकेट, जन्म प्रमाणपत्र का कोई मतलब नही रह जाता।
बस इसे संज्ञान में ले।
धन्यवाद!🙏
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DHRUVRAJSINHFATEHSINHJETHVA
5 साल 2 महीने पहले
h
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Rajesh Madhav Mathkar
5 साल 2 महीने पहले
Our country has crores of cases pending.With all due regards to Judiciary , Can our country afford several weeks of Summer Holidays to the courts ? Hope at least the eCourts Initiative will address this .
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GURUSANKARAN L
5 साल 2 महीने पहले
It will encourage the all over india to develop systematically done everyday it will huge advantage to help people for immediate result.
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Jagdish Mohanlal Dedania
5 साल 2 महीने पहले
There is need of change procedures for appointment of judges in court. Government should a committee or panch to examine the drawback of the system of appointment of judges in court. The committee should recommend solutions of the drawback of the system. There after Government should ammend the laws.
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VVK 8C MITHRAJEETH L U STU
5 साल 2 महीने पहले
Listening to citizens and youths a great motivation for them.🙏🏻🙏🏻🙏🏻
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Satish Bharti
5 साल 2 महीने पहले
That's my opinion improve skill of courts sector and Get justice right.
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