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ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के लिए मसौदा विजन डाक्यूमेंट हेतु सुझावों का आमंत्रण

आरंभ करने की तिथि :
Apr 08, 2021
अंतिम तिथि :
May 31, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी, ई-कोर्ट्स परियोजना के कार्यान्वयन की ...
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टिप्पणियाँ (1)
टिप्पणियाँ (1)
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NARAYAN ADHIKARI
5 साल 2 महीने पहले
e-court system is very easy and safe
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Rajesh Kumar
5 साल 2 महीने पहले
Krishi yantra per tax chhut Hona chahie
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Subodh Ramesh Dharaskar
5 साल 2 महीने पहले
1.scanning of complete court record
2. Online exhibiting of documents.
3. seperate interface for virtual courts hearing.. with a side window for exhibited and non exhibited documents
4. Online filing of cases, docs by advocates with digital signatures
5. fast delivery of court notices/summons be implemented
6. Interlinking of suit property with revenue documents or property card as the case maybe
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Miriyala Nageswara Rao
5 साल 2 महीने पहले
Ecourt app very nice process
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ABHAY KUMAR
5 साल 2 महीने पहले
30th May #MannKiBaat
टैक्स रिफार्म की बात
लेबर रिफार्म की बात
पुलिस रिफार्म की बात
लीगल रिफार्म की बात
सिटीजन चार्टर की बात
इलेक्शन रिफार्म की बात
एजुकेशन रिफार्म की बात
एग्रीकल्चर रिफार्म की बात
जुडिशियल रिफार्म की बात
कंस्टीट्यूशनल रिफार्म की बात
एडमिनिस्ट्रेटिव रिफार्म की बात
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TRILOK CHAND SWAMI
5 साल 2 महीने पहले
Retired judges may be re-employed for Ikotur to remove the backlog
Jai hind
Thanks
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Narendra Jaga
5 साल 2 महीने पहले
good
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krishn joshi3939
5 साल 2 महीने पहले
pls take my suggestion is attached in the pdf...pls it is a good idea...
mygov_162049173776661011.pdf
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MangeshShinde
5 साल 2 महीने पहले
Is judiciary & system runs only for women in India?
Is any judiciary system intact to protect childrens, men & senior citizens of India?
Indian laws are gender biased & false cases runs for years & some innocent suicides by legal Terrorism but there is no human rights & laws equality exist. One false dv or 498 case ruins many men & women life still there are millions of such cases runs for years only for dragging money statistical data is evident still no judiciary & govt bothers.
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MangeshShinde
5 साल 2 महीने पहले
E courts should show some details of cases lawyer's name. Every lawyer cases & history should be evident in this platform as it's public domain & trust in Judiciary & system should be kept intact.
Malpractices of some lawyers causing harm to Indian population & constitution & justice should be minimised.
Honorable judges should read first written complaint & reply which will scrutinize real & false cases but that never happens & false cases runs for years & justice gets delayed.
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