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ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के लिए मसौदा विजन डाक्यूमेंट हेतु सुझावों का आमंत्रण

आरंभ करने की तिथि :
Apr 08, 2021
अंतिम तिथि :
May 31, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी, ई-कोर्ट्स परियोजना के कार्यान्वयन की ...
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टिप्पणियाँ (1)
1705 सबमिशन दिखा रहा है
Rudolph Dsouza
5 साल 1 महीना पहले
Here is some of our Suggestions in attached PDF file
mygov_162243528813656.pdf
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Rudolph Dsouza
5 साल 1 महीना पहले
Subject header itsled clearly says its all about eCourts and
The Interlinking of all courts across the country.
ICT enablement of the Indian judicial system.
Still some are still commenting about changing laws, naming some laws to be changed.
mygov_162243450213656.pdf
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SILVIUS BOBY SILVA
5 साल 1 महीना पहले
The e-Committee of the Supreme Court has been overseeing the implementation of the e-Courts Project, conceptualized under the "National Policy and Action Plan for Implementation of Information and Communication Technology (ICT) in the Indian Judiciary-2005". It is the mission mode project carried out by the Department of Justice.
The e-Committee has evolved in terms of its roles and responsibilities over the last fifteen years.
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Deepu Singh
5 साल 1 महीना पहले
इसके बारे में अपने विचार साझा नहीं कर सकता हूं क्योंकि मेरे समझ से यह परे हैं
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MADHAN MOHAN S
5 साल 1 महीना पहले
Child custody should be common to both parents and there should be a system driven process to enable this.
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MADHAN MOHAN S
5 साल 1 महीना पहले
Maintenance/alimony should not be legal extortion business.
There should be system generated standard to calculate maintenance/alimony. This standard should be based on minimum wages act.
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MADHAN MOHAN S
5 साल 1 महीना पहले
There should be an inbuilt system to compensate the acquitted/innocent and punished the complainant.
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MADHAN MOHAN S
5 साल 1 महीना पहले
If a case is not completed within the time frame, Accused should be cleared of charge. There should be an inbuilt system to facilitate this.
There should be a system to consolidate all the cases and counter cases.
All connected cases should be completed on the same/ next hearing day, by examining all the witnesses, providing evidence, cross examination etc... if complainant /witnesses are not produced, accused should be acquitted.
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Shriram Yadav
5 साल 1 महीना पहले
भारत की कोर्ट मे सबसे ज्यादा रिस्वत चलती है ई कोर्ट मे भी चलेगी क्या ? और भारतीय न्यायालय कभी नहीं चाहेगा की उसमे सुधार हो क्यूकी सबका कमिशन मारा जाएगा, फिर भी अगर कुछ सुधार हो सकता हो सके तो डॉकयुमेंट मे वर्णित सुझाव लागू करने का प्रयास करे
!!!धन्यवाद!!!
mygov_1622402807650335.pdf
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Rudolph Dsouza
5 साल 1 महीना पहले
ecourts and CIS is totally useless unless these reforms implemented. we drafted detailed views after consulting many learned experts and posted here https://mynation.net/voice/jreforms/ and https://mynation.net/voice/reforms/
SAME IS ATTACHED IN PDF
mygov_162238865713656.pdf
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