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ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के लिए मसौदा विजन डाक्यूमेंट हेतु सुझावों का आमंत्रण

आरंभ करने की तिथि :
Apr 08, 2021
अंतिम तिथि :
May 31, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी, ई-कोर्ट्स परियोजना के कार्यान्वयन की ...
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kamal kishor pal
5 साल 3 महीने पहले
Here are a number of scope to upgrade our law n justice system..you were in the starting 2014-15,.attempt to change something ineffective old laws.but afternoon the time this matter gone in fark , so e -court is good intiative.here agiant need to change in system. as example, rera rules are created in favour of customer,but rules are not available in simple language and structure for people the do'nt know,website also very complicated,so all system of justice is heavily need to re formulated.
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harpal singh_11
5 साल 3 महीने पहले
Respected prime minister sir
It's a very good effort but there should be good confrence halls on tehsil level to implement it better way.
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harpal singh_11
5 साल 3 महीने पहले
It's a great idea. It is very useful for comen person and government also
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Shivang Dixit
5 साल 3 महीने पहले
इस्लाम धर्म को हिंदुस्तान से निष्काषित करो अगर इन सुन्नी मुसलमानों शिया मुसलमानों को अभी
जन संख्या विस्फोटक आबादी का ज्ञान विज्ञान समझमें नही आता तो कठोर कानून व्यवस्था बनादे बिना ह्यूमन राइट हनन करें
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Deepali Hingne adv
5 साल 3 महीने पहले
e courts like wise e books
make a app/portal
where the party can mention it's case
&if possible judges cn give direct judgement in at least at causal cases
trial &error base
cause
st people don't know the law&can't understand it's language
&2nd those know it misuse/misguide
it so make parallel line in it
like a bridge by digital help
language also matter it's&taken from the diffirent countries
why,change now
make r own
law is not static it changes according to changing needs of society
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vinay sharma
5 साल 3 महीने पहले
आदरणीय प्रधान मंत्री जी,
ecourt ये सुझाव बहुत ही अच्छा है レनीचे के courts मे बहुत समय की बर्बादी होती है। इन courts मै 80 % cases होते है।यही पर maximum corruption hai.....कई बार judge bhi ऐसे बर्ताव करते है। जैसे जो आदमी justice के लिये आया है। उसका trust ही नही रहता ,judiciary per से ।।हर आदमी आप की बहादुर नही हो सकता।।।
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Rajeew kumar Singh
5 साल 3 महीने पहले
Manniye pradhan mantri ji ,aaj ke aadhunik yug me ecourt samay ki mang hai .isse logo ko suvidha milega evam bharstachar me bhi kami aayegi.aaye din jail me band kaidiyo ko court me late samay marejaene ki khabar milti hai ,ecourt se isme bhi kami aayegi.case ko niptane me bhi sahyog milega .anawaayak rup se files ke janjal se chhutkara milegi
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T Shekar babu
5 साल 3 महीने पहले
As it Seems a Very Data Sensitive and Very crucial concept, the Govt. Of India must look for the best Technicians and programmers from the Private Sector Hired over the Contract Basis up untill the project is done
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chawda mansi
5 साल 3 महीने पहले
It is very helpfull to comman people
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umesh kumar
5 साल 3 महीने पहले
e-Court में कुछ खामियां भी हो सकती है।
ई- कोर्ट के सफल संचालन के लिए नेट इंटरनेट, अत्याधुनिक उपकरण के साथ ताल मेल जरूरी है।
किसी एक कड़ी के फेल होने पर सारा का सारा काम प्रभावित हो सकता है।
क्योंकि व्यवहारिकता एक अलग चीज है।
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