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जलागम प्रबंधन में समुदाय की अधिक भागीदारी

Improving community participation in Watershed Management
आरंभ करने की तिथि :
Jan 01, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2014
04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

जलागम कार्यक्रमों की सफलता काफी हद तक स्थानीय भूवैज्ञानिक, जल ...

जलागम कार्यक्रमों की सफलता काफी हद तक स्थानीय भूवैज्ञानिक, जल विज्ञान, सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर आधारित वैज्ञानिक योजना पर निर्भर करती है। सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम की सफलता, लाभ परत करने हेतु लक्ष्य निर्धारित करने, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस चर्चा के माध्यम से हम कार्यक्रम में सामुदायिक सहभागिता बढाने के लिए आपके सुझाव और विचार चाहते हैं।

फिर से कायम कर देना
2948 सबमिशन दिखा रहा है
R SUKUMAR
R SUKUMAR 11 साल 11 महीने पहले
youths to run GOV in future, have touch with retd for doubt if required. Advance congrats to future minsiters and IFS,IAS IPS &IA&AS,IRS officials.Save water. induce to save. Donot let water into sea. None will let money go out.Alike donot let water out.Dig/Drill and store into.Reduce global warming.Already people's mind in warm due to bribe/curruption/Scam.Now raining reduce atleast global warming.
jaibhagwansingh kadyan
jaibhagwansingh kadyan 11 साल 11 महीने पहले
आज बडते हुवे कुडे कचरे के कारण प्रयावर्ण सन्तुलन की समस्या बडती जा रही हे ओर जलद ही ये बहुत खतरनाक साबित होने वाली हे हर जगहे आज कुडे के डेर नजर आते हे कुछ वर्षो बाद ये पहाडो मे प्रवर्तित होते नजर आयेगे/ इस के लिये सरकार को वक्त रहते सार्थक कदम उठाने होगे ओर हर जिले मे सोलिड वेस्ट मनेजमेन्ट पंलाट लगाने होगे लेकिन हरियाणा मे कुछ नगर निगमो ने इस की सरुवात की थी लेकिन इन लोगो ने जगह चयनित की वो अबादी वाले क्षेत्रो के बहुत ही नजदिक हे ओर इस लिये इन्हे विरोध का सामना करना पड रहा हे
sudhir kumar
sudhir kumar 11 साल 11 महीने पहले
जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने में जनता की भागीदारी (पत्र 5) :-(4) जनता में जो सिर्फ खुद के लिए जीने की भावना का जो विकास हो चूका है उसे धीरे-धीरे ख़त्म कर समाज के लिए जीने की भावना का विकास करना होगा. लोगो में इस भावना का भी विकास करना होगा की वे अपने हर खुशी के मौके (चाहे वह धार्मिक हो या निजी) पर अपने आस पास कोई ना कोई फलदार वृक्ष अवश्य लगायें तथा उसें सुरक्षा प्रदान करें. इस भावना का विकास अगर हम जनता में कर देते है तो जलवायु परिवर्तन का जो खतरा बना हुआ हैं वह अपने-आप धिरे-धिरे समाप्त हो
sudhir kumar
sudhir kumar 11 साल 11 महीने पहले
जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने में जनता की भागीदारी (पत्र 4) :- (3) अपने दैनिक जीवन में यंत्रो तथा महायांत्रो का प्रयोग निश्चित आवश्यकता के अनुसार करना होगा ताकि इन से होने वाले प्रदूषणों से बचा जा सके और वायुमंडल पर पड़ रहे दवाब को कम किया जा सकें. आगे जारी .....
sudhir kumar
sudhir kumar 11 साल 11 महीने पहले
जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने में जनता की भागीदारी (पत्र 3) :- (2) देश की बढती जनसंख्या पर भी काबू पाना होगा – इसके लिए भी अपनी देश की जनता में जागरूपता लाना होगा तथा जनसंख्या नियंत्रण से होने वाले लाभ को बताना होगा ताकि सिमित संसाधनों का उपयोग करते हुये हम अपने देश को विकास की ओर ले जा सकें और साथ ही साथ वायुमंडल पर पड़ रहे दवाब को भी कम कर सकें. आगे जारी ....
sudhir kumar
sudhir kumar 11 साल 11 महीने पहले
जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने में जनता की भागीदारी (पत्र 2) :- अगर हम वास्तविक रूप में जलवायु परिवर्तन के खतरों से बचना चाहते हैं तो हमें (1) पेड़-पौधों की संख्या को बढ़ाना होगा (इसके लिए हम सड़को का किनारा, रेलवे लाईनों का किनारा, खेत के मोटे मेढ़ का किनारा तथा नदियों और नहरों का किनारा का उपयोग कर सकते हैं, इस कार्य के लिए हमें हमारें किसानों में थोड़ी जागरूपता लानी होगी तभी हम इस कार्य में सफल हो सकेगें ) आगे जारी .....
sudhir kumar
sudhir kumar 11 साल 11 महीने पहले
जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने में जनता की भागीदारी (पत्र 1) :- आज जलवायु परिवर्तन एक ऐसा विषय हो गया हैं जिसपर हमारा देश ही नहीं बल्कि संसार का हर छोटा बड़ा सभी देश सोचने को विवस है. मेरे अनुभवों के अनुसार पेड़-पौधों की घटती संख्या, जनसंख्या वृधि के कारण जंगलो का अन्धाधुन कटाई, यंत्रो तथा म्हायांत्रो का दैनिक जीवन में वढता प्रयोग तथा जनता में सिर्फ अपने लिए जीने की भावना का विकास ही इन खतरों का सबसे प्रमुख कारण हैं. आगे जारी .....