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भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए राष्ट्रीय नीति के मसौदे पर सुझाव आमंत्रित

Inviting suggestions on Draft National Policy for Micro, Small and Medium Enterprises in India
आरंभ करने की तिथि :
Feb 09, 2022
अंतिम तिथि :
Mar 31, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम (MSME) 6 करोड़ से अधिक इकाइयों के साथ भारतीय ...

सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम (MSME) 6 करोड़ से अधिक इकाइयों के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था का एक अत्यधिक जीवंत और मजबूत क्षेत्र है, जो कि कृषि क्षेत्र के बाद सबसे अधिक 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है, जिसकी सकल घरेलू उत्पाद में 28% और निर्यात में 40% हिस्सेदारी शामिल है। अन्य क्षेत्रों की तरह, MSME भी कोविड के दौरान उत्पादकता के मामले में प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुआ हैं, इसलिए MSME की दक्षता और उत्पादकता को आर्थिक विकास के समग्र उद्देश्यों के लिए प्राप्त करने और भारतीय अर्थव्यवस्था की V शेप रिकवरी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए राष्ट्रीय नीति का मसौदा प्रतिस्पर्धात्मकता, प्रौद्योगिकी उन्नयन, इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लस्टर विकास, समर्पित ऋण, उत्पादों की खरीद और एमएसएमई को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए अब तक किए गए विभिन्न उपायों में शामिल है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने मसौदा नीति पर सुझाव एवं विचार साझा करने के लिए हितधारक, उद्योग संघ, एमएसएमई इकाइयों और आम जनता को आमंत्रित किया है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए अनुकूली और समावेशी राष्ट्रीय नीति तैयार करना है।

भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए राष्ट्रीय नीति का मसौदा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

माईगव पर विचार एवं सुझाव जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2022 है।

फिर से कायम कर देना
787 सबमिशन दिखा रहा है
Devineni Manoj Kumar
Devineni Manoj Kumar 4 साल 3 महीने पहले
Whatever the enterprise anyone starts, on any scale of measurement, it's Scope & limits always depend on the Quality of that enterprise in 3 levels of Procuring material, Processing & developing the material & delivering the product. It is the quality which makes any enterprise competitive & different. All successful persons of Indian enterprises to be kind enough to uplift the upcoming firms. That's how ecosystem is constructed to sustain the existence of anything.
Hanwant Singh
Hanwant Singh 4 साल 3 महीने पहले
सूक्ष्म,लघु व मध्यम उघोग(Msme) उदारीकरण नीति के बाद इन क्षेत्रों का काफी विकास हुआ है। जापान की मूल आर्थिक शक्ति Msme ही है। हमें इनकी नीतियों का अध्ययन करके अपनी Msme नीति तैयार करनी है। स्टार्टअप इंडिया,स्टैंड अप इंडिया,मेक इन इंडिया,आत्मनिर्भर रोजगार योजना,विभिन्न राज्यों की हस्तकला व जनजातियों द्वारा निर्मित उत्पादों को ट्राइफेड के माध्यम से @75 की जगह @100 या इससे ज्यादा आत्मनिर्भर केन्द्रो की स्थापना करनी है व उक्त समस्त योजनाओं को Msme क्षेत्र में एकीकृत करते हुए आर्थिक विकास की ओर बढ़ना है। Msme हेतु मुद्रा योजना की ॠण व ब्याज नीति मे शिथिलता देते हुए अटल इनोवेशन केन्दो व अटल टिंकरिक लैबो के माध्यम से Msme क्षेत्र मे नवाचार,रोजगार,GDP मे भागीदारी,उत्पाद की गुणवत्ता,उत्पाद का कुशल प्रचालन,Msme मे IT की भागीदारी बढ़ाना,इस प्रकार उक्त योजनाओं, विभिन्न क्षेत्रों व जापानी Msme नीति का अनुसरण करना चाहिए ताकि विश्व पटल पर भारत का बढता आर्थिक संवृद्धि व आर्थिक विकास होता रहेगा व एक मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप मे स्थापित करने मे Msme उघमिता को प्रेरित करेगी। हनवंत सिंह राठौड़ गांव रायपुर
Aziz Abfulbhai Theba
Aziz Abfulbhai Theba 4 साल 3 महीने पहले
Respected Sir, we have worked on the national logistics draft policy and our project is ready for submission and ready to execute with ppp model on morth alloted intergrated logistics park also we had tried various government agency to submit we kindly to have your attention and guidance to work with Indian government we like have your appointment for presentation. Thanking you Aziz Theba
Umesh Jagannath Gawali
Umesh Jagannath Gawali 4 साल 3 महीने पहले
आईटीआई जैसे व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने में लगे संस्थान ऐसे कुशल युवाओं की जिन्हें विनिर्माण, सेवाओं या वाणिज्यिक में नियोजित किया जा सकता है मांग को पूरा करने में भी सक्षम नहीं इसलिये हमारी शिक्षा प्रणाली को सामान्य रूप से चुनौती का समाधान करने के लिए तैयार करने की जरुरत है
ChandraShekhar Kumar
ChandraShekhar Kumar 4 साल 3 महीने पहले
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र पिछले पचास वर्षो में भारतीय अर्थव्यवस्था के अत्यधिक जीवंत और गतिशील क्षेत्र के रूप में उभरा है।क्षेत्रीय असंतुलन को कम करते हुए राष्ट्रीय आय और धन का अधिक समान वितरण सुनिश्चित होता है। एमएसएमई सहायक इकाइयों के रूप में बड़े उद्योगों के पूरक हैं और यह क्षेत्र देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में बहुत बड़ा योगदान प्रदान करता है। परंतु इस क्षेत्र में थोड़ा और ध्यान देने की आवश्यकता है जिससे हमारे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के उद्योग और अधिक बढ़ सके जिसे हमारे राष्ट्र को आर्थिक सहयोग में बल मिल सके।
Parkash Chander Bishnoi
Parkash Chander Bishnoi 4 साल 3 महीने पहले
System Improvements 1. The CENTRAL government state government all government departments independent government agencies or public sector undertaking companies etc are main governing bodies and involving some system of working. The working system needed continous improvement with updating of technologies and removing of corrupt and decaying practices. 2. The mostly all government have some sources of revenues such as income tax, other taxes levied on material, revenues from mineral resources etc but the how the expenditure of that revenue are made makes the difference. Some government system involves huge leakage of corruption, inefficiencies and ultimately consequences of these factors leads to gain of few people and loss to most of the public. It is expected from a elected government to improve the system by minimizing corruption, improving efficiency , increase employment and implementation of all popular government schemes/programs effectively.
Anuradha Sharma
Anuradha Sharma 4 साल 3 महीने पहले
हमें भारतीय नागरिक होने के नाते हमारा यह एक नैतिक दायित्व बन जाता है कि हम सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को अधिक से अधिक बढ़ावा दें ताकि इसमें छोटे से छोटा ऋण लेकर हम अपना कार्य जो है शुरू कर सके हमें उस से आए हो सके हम आत्मनिर्भर बने आत्मनिर्भर होने के साथ हमारा परिवार भी आत्मनिर्भर बनेगा और एक स्त्री एवं सशक्त समाज एवं अर्थव्यवस्था की स्थापना हम अपने गांव प्रदेश जिला और देश के अंदर कर सकते हैं जिससे हमारी आर्थिक विकास की गति दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जाएगी धन्यवाद