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मसौदा आईआईएम विधेयक 2015

आरंभ करने की तिथि :
Jun 10, 2015
अंतिम तिथि :
Jun 25, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तावित आईआईएम विधेयक 2015, अहमदाबाद, कलकत्ता, बंगलौर, लखनऊ, इंदौर, ...
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prathyusha_3
11 साल 2 दिन पहले
Its better to give autonomy to institutions itself....but centre should have an eye on the institutions and approval from the centre....
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narendra kumar
11 साल 3 दिन पहले
#Eco-friendly Tourism
हिमाचल प्रदेश के रोहतांग मेँ पर्यटकोँ को आजकल भारी परेशानी का सामना करना पड रहा हे. इसका कारण हे " वहाँ केवल सीमित संख्या मेँ ही वाहनो को जाने की अनुमति हे.
समाधान:- क्या हम Ropeway( उडान खटोला) के बारे मेँ सोच सकते हे? क्या हमेँ इस दिशा मेँ आगे नहीँ बनना चाहिए?
Infrastruture खडा करने मेँ केवल एक बार खर्चा आएगा.
यह सस्ता पड़ेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह Eco-friendly भी हे.
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Neha Kumari Bhardwaj
11 साल 3 दिन पहले
This is a good approach and will surely beneficial to the required ones.
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Preetha Ramachandran
11 साल 3 दिन पहले
This is good. However, there should be a mandate for bond or contract to serve in india after graduation. Also, merit based students placement is to be implemented together with measures to safeguard the institutions from corruptions.
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Deepak Goyal_2
11 साल 3 दिन पहले
In My View all IITians, IIMs Pass out must work for Govt Organisation for one year to get their certificate. It like training for them. Both GOvt / Students will be benefited from each other.
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kamal narayan pandey
11 साल 3 दिन पहले
रेलवे को पानी बोतलें खरीदने के नाम पर
गरीब जनता क
ट्रेन के प्रत्येक डिब्बे में स्थित
चार टॉयलेट
में से एक को हटाकर उसके स्थान पर
शीतल और फ़िल्टर्ड वाटर का ATM लगा
देना चाहिए जिससे 1₹ लीटर के हिसाब
से जनता को आसानी से शुद्ध और
शीतल जल उपलब्ध करवाया जाना
चाहिए।
इससे स्वच्छता अभियान का लक्ष्य भी
पूरा
होगा क्योंकि एक ही बर्तन या बोतल में
यात्री
ज़रूरत पड़ने पर पानी ले सकेगा।
बार-बार नई बोतलें खरीदने के कारण
प्लास्टिक बोतलों के कबाड़ से वातावरण
सुरक्षित हो सकेगा।
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anil kumar yadav_2
11 साल 3 दिन पहले
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा के लिए जो प्रयास हो रहे है वह सराहनीय है I केंद्र द्वारा प्रायोजित IED-SS स्कीम अब लगभग सभी राज्यों गतिशील हैं I लेकिन इस स्कीम के अंतर्गत काम कर रहे लोंगो के बारे कुछ भी नही सोचा जा रहा है I सरकार अपना पैसा बचाने के लिए इस क्षेत्र मे काम कर रहे लोगों का शोषण कर रही है, इनका समय ख़राब कर रही है l केंद्र द्वारा दिए गए अध्यापको के वेतन का केवल आधा या आधे से भी कम वेतन राज्य दे रहा है । ये कहा का न्याय है । आखिर ये ठेका कब खत्म होगा
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shalini singh_2
11 साल 3 दिन पहले
The proposal is lucrative from academic point of view. But other facilities for students to enable to give them sufficient concessions in matters of rent and hostel charges, good hygenic low cost food in canteens are also to be considered equally important. Afterall a healthy generation can only give a healthy future.
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venkata ramana b
11 साल 3 दिन पहले
Respested Sir,
Please provide special status for andhra pradesh.
Thanks and Regards
B Venkataramana
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Kumar Rajdeep
11 साल 3 दिन पहले
Respected Sir,
My name is Kumar Rajdeep and I hail from Bihar.Presently studying in Delhi. Sir, this to inform you we people coming from outside Delhi are facing much problem due to rent charged by landlords. As u know sir, living and studying here is much costly. Some family some how cut their expense and send money to their children. I request u sir please look into this matter as it's becoming a problem to the existence of the people coming from outside.
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