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राष्ट्रीय नवाचार और उद्यमिता संवर्धन नीति (एनआईईपीपी)

आरंभ करने की तिथि :
Apr 19, 2022
अंतिम तिथि :
Apr 30, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
21वीं सदी की शिक्षा प्रणाली को पारंपरिक शिक्षा प्रणाली में सुधार ...
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टिप्पणियाँ (1)
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kuldeep mohan trivedi
4 साल 5 महीने पहले
नई शिक्षा नीति में सबसे पहले बच्चो को पढ़ना लिखना आना चाहिए।जिससे बच्चे हर कक्षा में निर्भय होकर पढ़े और किसी भी परीक्षा में निडर होकर भाग ले।उनमें तकनीकी शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिये मातृभाषा में पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए।बीच में ही बच्चे पढ़ाई छोड़ देते है।जिससे बच्चो में शिक्षा का स्तर गिर जाता है।वे मजदूर बनकर डेज़ह और विदेश में काम करते है।हमारी शिक्षा व्यवस्था ऐसी हो।जो बच्चो में उत्साह पैदा करे।उनमें शिक्षा के प्रति अरुचि उत्पन्न न हो।
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Srikanta das
4 साल 5 महीने पहले
एक देश एक शिक्षा
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lakshminarayanan
4 साल 5 महीने पहले
Dear sir,
our education system from schooling to college, is creating STUDENT ROBOTS to work in office , companies and factories at 95 % of total student pass out, this method of creating ROBOTS is due memorizing and vomiting in exam papers... this method should be stopped... system should be designed to improve intellectual quotient( IQ ) and Emotional quotient (EQ) as both parameter are necessary for entrepreneurship
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SUJAL ASHOK RAIKAR
4 साल 5 महीने पहले
NIEPP was most important after days.
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TASVIR BABUBHAI PRAJAPATI
4 साल 5 महीने पहले
hii
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pramod kumar patel
4 साल 5 महीने पहले
हमारे लिए जिस माध्यम से पड़े हैं उसी में सारा काम भी होना चाहिए जैसे कि हम हिंदी माध्यम से हैं तो हिंदी में ही सब कुछ कार्य होना चाहिए हमारे लिए इंग्लिश की इतनी आवश्यकता नहीं है इंग्लिश उनको ही केवल पढ़ाने चाहिए जो बाहर विदेश जाने के लिए हमारी पाठ्यक्रम में 3 भाषाएं हैं हिंदी भी इंग्लिश और संस्कृति इनमें से कोई दो भाषाएं पुरानी चाहिए हिंदी मीडियम से 12वीं तक पढ़ाई की उसके बाद ग्रेजुएशन में इंग्लिश इंग्लिश के कारण हिंदी और इंग्लिश मैं अधिक कठिनाई होती है
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pramod kumar patel
4 साल 5 महीने पहले
हमारे लिए कक्षा 8 बी से ही पाठ्यक्रम विषय वार होना चाहिए जिसमें हम 12वीं तक यह पढ़ने में और प्रयोग करने में हर तरह के प्रयोग करानी चाहिए जिससे कि हमारा भविष्य बन सके और हमारे लिए कंपनियों में उसी सब्जेक्ट से भी छोटे-छोटे होनर सीखना चाहिए और 12वीं के बाद कंपनियों में ट्रेनिंग पूरी चार ट्रेनिंग होने के बाद हम हमारे लिए नौकरी का और टैलेंट का और बिजनेस का आईडिया होना चाहिए हमारे लिए ग्रेजुएशन हम अपने पैरों पर खड़े होकर ताकि हमारे लिए पैसों की और समय की कीमत समझ होनी चाहिए हम जिंदगी भर नौकरी नहीं ढूं
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Chandra B Tiwari
4 साल 5 महीने पहले
उद्यमिता शब्द बहुत पुराना है हमारे सबसे पहले उद्यमी किसान है हमें अपनी शिक्षा पद्धति में सही में रोल मॉडल्स बताने होंगे हमारी शिक्षा पद्धति गुलामी मानसिकता की तरफ जाती है जबकि उद्यमिता आर्थिक आजादी को बताती है मगर हमारी शिक्षा पद्धति में ज्यादा नंबर लाओ और अच्छी नौकरी ढूंढो कोई यह नहीं कहता की बड़ा व्यापार खड़ा करो जो हजारों लोगों को नौकरी दें क्योंकि जो हमारे शिक्षक या अध्यापक हैं वह भी तनख्वाह के लिए काम करते हैं उन्हें खुद उद्यमिता का नहीं पता वह है विद्यार्थी को उद्यमिता कैसे सिखाएंगे सही शि
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Pranali Nitin Dahatonde
4 साल 5 महीने पहले
NIEPP was very important now a days .
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Pratik kumar
4 साल 5 महीने पहले
Our education system is rising again, no doubt it had fall during COVID. But not we are again back on track.
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