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आरंभ करने की तिथि :
Apr 19, 2022
अंतिम तिथि :
Apr 30, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
21वीं सदी की शिक्षा प्रणाली को पारंपरिक शिक्षा प्रणाली में सुधार ...
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Pankaj Dodiya
4 साल 5 महीने पहले
CBSE vs State boards में मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:
CBSE बोर्ड पूरे भारत में एक सिलेबस के अनुसार कार्य करता है परंतु राज्य बोर्ड सरकार अपने स्टेट के अनुसार बनाए गए सिलेबस पर कार्य करता है।
CBSE बोर्ड अपने सिलेबस में बदलाव करते रहते हैं परंतु राज्य बोर्ड बहुत कम अपने सिलेबस में बदलाव करते हैं।
CBSE बोर्ड उन माता-पिता के लिए बहुत अच्छा होता है जिनका समय-समय पर अलग-अलग राज्यों में बदलाव होता रहता है क्योंकि सीबीएसई बोर्ड की शिक्षा हर जगह समान होती है परंतु स्टेट बोर्ड के बच्चों को दूसरे राज्य के स्कूल में पढ़ना काफी मुश्किल होता है क्योंकि उनके पाठ्यक्रम उनको समझ नहीं आते।
CBSE board के स्कूल अधिकतर अंग्रेजी सिलेबस पर होते हैं परंतु राज्य बोर्ड अंग्रेजी और अपने क्षेत्रीय भाषा के अनुसार अपना सिलेबस बनाता है।
राज्य बोर्ड से CBSE बोर्ड अच्छा माना जाता है।
राज्य बोर्ड केवल राज्य के लोगों के लिए ही ठीक होता है परंतु CBSE बोर्ड पूरे देश के लिए ठीक होता है।
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Pankaj Dodiya
4 साल 5 महीने पहले
CBSE बोर्ड का पूरा नाम “सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन” है, हिंदी में “केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड” भी कहा जाता है। CBSE बोर्ड स्कूल के लिए होता है जो यूनियन गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के अंदर आते हैं। CBSE बोर्ड के अंदर आने वाली स्कूल अपनी नीतियों के अनुसार और सिलेबस अपने अनुसार निर्धारित करता है। CBSE बोर्ड की पढ़ाई उन माता-पिता के लिए सबसे ज्यादा पसंदीदा होती है जो केंद्र सरकार के लिए नौकरी करते हैं। क्योंकि समय-समय पर ट्रांसफर होता रहता है, इसी कारण की वजह से वह अपने बच्चों को CBSE बोर्ड में पढ़ाते हैं। CBSE बोर्ड के बच्चों को समस्या नहीं आती क्योंकि सभी स्थानों में यह बोर्ड की शिक्षा समान होती है।
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Pankaj Dodiya
4 साल 5 महीने पहले
ज के युग में विज्ञान के चिकित्सा और तकनीकी क्षेत्र में तरक्की हो रही है साथ ही शिक्षा में बहुत सारे सुधार आया है। शिक्षा धीरे-धीरे बहुत ऊपर जा रही है, छात्रों को शिक्षा के साथ जुड़ने के लिए नए विकल्प भी सामने आ रहे हैं। CBSE, ICSE, स्टेट बोर्ड ऐसे कई सारे बोर्ड उपलब्ध हैं, जिनके कारण भारत में बहुत सारे क्षेत्र में विद्यालय मौजूद है। आज इस ब्लॉग में सीबीएसई बोर्ड और राज्य बोर्ड क्या है? उसके बारे में संपूर्ण जानकारी दी जाएगी। साथ ही कौन से बोर्ड का चयन आपके लिए सही निर्णय साबित हो सकता है उसके बारे में भी जानकारियां दी जाएगी। चलिए जानते हैं CBSE vs State boards केे बारे में विस्तार से।
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Neha varshney
4 साल 5 महीने पहले
Thank u sir U.P
ne UPPET ke bd lekhapal ke paper ki date de di . 1 yr u.p. papers dates de di. lekin har job ke notification me uska first exam date result date second paper date result ducument verification date joining date sb kuch fix kariye . ek hi notification me sab dijiye. Jaise corona me chunav nhi hathte aise in papers me koi bhi date na hate. ye sab ek sal ke andar ek job selection ho.
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Pankaj Dodiya
4 साल 5 महीने पहले
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) भारत की स्कूली शिक्षा का एक प्रमुख बोर्ड है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा संस्थानों को अधिक प्रभावशाली ढंग से लाभ पहुंचाना है। यह पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के लिए पाठ्यक्रम तैयार करता है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) बोर्ड के द्वारा वर्ष में दो मुख्य परीक्षाओं का संचालन किया जाता है। दसवीं कक्षा के लिए अखिल भारतीय सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा (एआईएसएसई) और बारहवीं के लिए अखिल भारतीय सिनीयर स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा (एआईएसएससीई)। इसके अलावा अखिल भारतीय इंजिनीयरिंग प्रवेश परीक्षा (एआईईईई) और अखिल भारतीय प्री-मेडिकल परीक्षा (एआईपीएमटी) भी संचालित की जाती है।
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CHARAN JIT SINGH
4 साल 5 महीने पहले
innovation and entrepreneurship is both the words related to provide employment to the youth an generation or help them to procurement the path of employment we say govt made an plateform directly in which the unemployed youth sitting in home due to having a skill but not getting the platform to earn employment govt in every state and ut made directly to the people and made a connection so these people get employment think once and implement
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DEVIPRASAD THIMMAIAH THOTAMBAILU
4 साल 5 महीने पहले
Honarable PM Dear Modi,
Population is the cause of destruction of nature , New enterprise will come , more and more companies will arise from Bharathwasis and from other nations people in Bharat the result may be people will become more restless and more suffering, GDP will increase for the slaves of other country they need people to do all hasty,dirty,and cheep work ??? any work is work but will it bring mental richness to any one , If Politics is kept away is it not Population is problem in nation , How many companies,will come and how many jobs will be created how maney more fish required per day , howmaney milk ,meat and how maney vegetables how many people get more children's and earn more free services and how maney more children's will they give birth , who has to pay for whom and who is controlling all this justice and injustice .
any Aatmanirbhar person is not possible until dependency and child born and grown from hard work of another, can gov pass population bill of 2 max.
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Jaideep Chatterjee
4 साल 5 महीने पहले
Yes, we can start it with school-going children as well but, what about rural entrepreneurs, who could not face the challenges due to the non-availability of working capital and the incubation period lost in search of potential and amicable associates within the locality.
A fully-fledged entrepreneurship program must be inserted into the future course of studies not only for school and college students but ITI and local youths who possessed innovative ideas for the betterment of human kind.
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Chandrakant Vijay Birhade
4 साल 5 महीने पहले
There is really nice initiative by our government is conducting like- "Hunar haat" but those should be conducted PAN India so we can align with vision vocal for local and become self reliant at every level of our country. With reference to that also food means FMCG is really also really good industry if possible then "All state wise presence culture and food mela kind of initiative or exhibitions" should be conducted like "Hunar Haat"
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Chandrakant Vijay Birhade
4 साल 5 महीने पहले
For attracting the ratio of foreign direct investment government of India should identify each state wise SWOT analysis policy terms of identifying the unique selling points and that representing model should put on the table by doing the marketing of those unique selling points on that basis other countries we should make strategic alliance partnerships with other countries so there and our objectives also getting filled both ways.
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