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शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (एनपीएसटी) के मसौदे पर सुझाव आमंत्रित

आरंभ करने की तिथि :
Dec 08, 2021
अंतिम तिथि :
Dec 17, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
एनईपी 2020 में की गई सिफारिशों के अनुसार, यह सुनिश्चित करने के लिए ...
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ASHWANI KUMAR
4 साल 5 महीने पहले
महिलाओं के विवाह की कानूनी आयु पुरुषों के समान 18 से 21 वर्ष तक बढ़ाने का प्रस्ताव..
सामाजिक दृष्टिकोण से सही निर्णय है ! इससे लड़कियों को अपनी पढ़ाई पूरी करने का न केवल अवसर मिलेगा बल्कि उसे अपने अधिकार व सामाजिक तानेबाने को समझने हेतु पर्याप्त वक्त भी होगा..
इसके अतिरिक्त अब सरकार को शिक्षा व्यवस्था एवं सरकारी स्कूलों के तौर तरीकों की चूलें हिला देनी चाहिए..
आप मोनेटाइजेशन करो या बेचो, लेकिन अपनी व्यवस्था बदलनी होगी.. स्वेटर बीनने और आरामफरमोशी कि लत छुड़ा देनी है..
बड़ा आभार रहेगा.. 🙏🙏🙏
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Amritabharti
4 साल 5 महीने पहले
🌟
If we go back and having a glance at the teachers 👩🏻🏫👨🏻🏫👩 of our ancient then we will come to know that THE TEACHER HAVE ONLY A TARGET TO MAKE ABLE THEIR PUPIL 👨🎓👨🎓👩🎓
TOWARDS GAINING KNOWLEDGE AND MOVER OVER THE APPLICATION OF KNOWLEDGE.....
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BECAUSE APPLICATION OF ANY KNOWLEDGE IS THE NEXT STEP TO MOVE ON IN THAT FIELD TO ENHANCE OUR PERSONALITY AND KNOWLEDGE.......... 📖📚📒📕📜
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Nishant Mane
4 साल 5 महीने पहले
Teachers Must have a Creative Mindset. So that they may expand the creativity of the child, instead of supressing it. They must be open to ideas from children and promote artistic activities. Artistic activities severely lack in Children these days as it’s mostly seen as a ‘Hobby’. Talented Art Teachers from various fields must be trained to really work on growing the child’s creativity. At the Same time they must be in tune with the Cultural arts of Bharat and inculcate then into their work.
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chawda mansi
4 साल 5 महीने पहले
Nactural farming and practicals of farming , how to grow crops teach in schools add their syllabus.to aware importants about food and farming and farmers.
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MAHESH CHANDER BAGARWAL
4 साल 5 महीने पहले
Education is not an end but a means to an end. Teachers for students should be trained in a way that they should understand the psychology of students. Proper monitoring of teachers training should be there so that it should be e useful to students as well as themselves. Students and teachers psychology should be monitored in a way that training of teachers become fruitful. In our country parents FIFA to get their child children's to admit in private schools rather than Government schools.
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Bhushan Verma
4 साल 5 महीने पहले
शिक्षा पद्धति में भारतीय संस्कार पर भी ध्यान देना चाहिए
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Jaideep Chatterjee
4 साल 5 महीने पहले
Finally, the era of chalk and talk has been vanishing from the campus. The globally accepted teacher being trained under Learn, Unlearn and Relearn process of ever-changing methods and techniques across the world. We the educators have to be armed with how to become an innovative demonstrator and the recruiting agency must keep it in mind that glass screens are replaced by board and chalks, therefore delivery and practical knowledge on the subject will be criteria for next standards o selection
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Thakur shiv kumar singh
4 साल 5 महीने पहले
If we have teacher who teach students how to deal in real life in various situations.bcoz our education is totally different.and real life different.education life have a second chance but life never gives u.today teacher tells study and get 70-80 percent marks.but they never teach u how to deal in real life when life gives u a challenge.so we need these work to do .
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EktaRani
4 साल 5 महीने पहले
☠️☠️☠️☠️☠️🧿🧿🧿🧿🧿🧿🧿🌍🌍🌍🌍🌍🌍🌍🌍👸👸👸👸👸👸👸👸👸👸👸👸👸👸👸👸
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Nawajis
4 साल 5 महीने पहले
एनईपी 2020 की सिफारिशों के अनुसार स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर सभी छात्रों को उच्च योग्य और पेशेवर रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा पढ़ाया जाए। राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (एनपीएसटी) करियर के विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों की तैयारी, अभ्यास, प्रदर्शन में सुधार के प्रयासों पर केंद्रित है। अगर छात्रों को प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक शिक्षा से ही व्यावसायिक शिक्षा दी जाए तो देश का युवा वर्ग नौकरी लेने वाला नहीं बाल्की देने वाला होगा भारत को फिर विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता है
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