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25 अगस्त 2024 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात के लिए विचारों को आमंत्रित करना

आरंभ करने की तिथि :
Aug 06, 2024
अंतिम तिथि :
Aug 23, 2024
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन विषयों और समस्याओं पर अपने ...
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AtulkumarSDhanesha
1 year 10 महीने पहले
માનનીય શ્રી નરેન્દ્ર મોદીજી
તારીખ - 22/08/2024
શ્રી રામચરિતમાનસ ની શ્રેષ્ઠ ચોપાઈ અહીંયા લખીને વાત શરૂ કરું છું :- "ઈશ્વર અંશ જીવ અવિનાશી"
દિવસ દરમિયાન તમે સરેરાશ 10 થી 12 કલાક દેશ માટે કામ કરી રહ્યા છો. તે ખૂબ જ શ્રેષ્ઠ બાબત છે. આટલું જ કામ આપણી 140 કરોડની ભારતીય પ્રજા જો પ્રત્યેક દિવસ દરમિયાન સંપૂર્ણ નૈતિકતાથી કરતી હોય તો આપણો દેશ આજે અકલ્પનીય શિખર પર બિરાજમાન હોય. પરંતુ દુર્ભાગ્યની બાબત એ છે કે આપણી પ્રજા કામચોર છે અને સાથોસાથ તે તેમનો મોટા ભાગનો સમય તે ધર્મ અને રાજકારણની વાતો કરવામાં જ પસાર કરે છે.
ટેકનોલોજી અને ઇનોવેશન ની દિશામાં આગળ વધવાને બદલે આવી અર્થહિન બાબતોમાં સમય પસાર કરે છે.
અંદરો અંદરની ખટપટ આપણો સ્વભાવ બની ગયો હોય તેવું લાગે છે. કામ (વર્ક) કેને કહેવાય તેની ઊંડી સમજનું આપણી પ્રજામાં અભાવ જોવા મળે છે. આજથી અમુક વર્ષો પહેલા ચીનના ફિલોસોફર દલાઇ લામાં જ્યારે ભારતના મુલાકાતે આવ્યા હતા ત્યારે તેમણે કહ્યું હતું કે અમારી પ્રજા 24 કલાકમાંથી સરેરાશ 12 થી 14 કલાક કામ કરે છે.
Cell no. :- +919426437032
લેખક - અતુલ એસ ધનેશા
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AtulkumarSDhanesha
1 year 10 महीने पहले
મારી સ્વયંની વિચારધારા મુજબ મને રાષ્ટ્રધર્મમાં સૌથી વધુ નૈતિકતા પ્રમાણિકતા અને ઈમાનદારી જોવા મળે છે. જે રાષ્ટ્રધર્મ મને પશ્ચિમના દેશોમાં સૌથી વધુ જોવા મળે છે. આપણે ભારતીય નાગરિકે કમ સે કમ એટલું તો ચોક્કસપણે સમજવું જ જોઈએ કે જો આપણા દેશના વડાપ્રધાન શ્રી મોદીજી 10 થી 12 કલાક પ્રતિદિન રાષ્ટ્ર માટે કામ કરતા હોય તો આપણે એક ભારતીય નાગરિક તરીકે સ્વેચ્છાએ ઈમાનદારી પૂર્વક સ્વયં ને છેતર્યા વગર આપણને જે કોઈ પણ જવાબદારી સોંપી હોય જે કંઈ નોકરી ધંધો કે વ્યવસાય આપણે કરતા હોય ત્યાં જ સંપૂર્ણ નૈતિકતાથી કામ કરવું જ જોઈએ એ જ મારો સાચો રાષ્ટ્રધર્મ છે માનનીય વડાપ્રધાન શ્રી મોદીજી હું આપને નમ્ર વિનંતી કરું છું કે તમે આપણી ભારતીય પ્રજાને એ દિશામાં ગતિ કરે તેવો પ્રયત્ન કરાવો.
હું એક લેખક છું. મારું નામ અતુલ એસ ધનેશા. ડિસ્ટ્રીક ગીર સોમનાથ. નિવાસી વેરાવળ.
Cell no. :- +919426437032
લેખક - અતુલ એસ ધનેશા
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Dalbir Singh
1 year 10 महीने पहले
Hon'able Prime Minister ji, Namaskar.
There is a big confusion and fear of stopping reservation among SC/ST/OBCs being created by opposite political parties since last few months. It is need of the hour to clarify the issue through coming episode of Man Ki Baat'. I have an opportunity to submit certain suggestions which are attached herewith for kind perusal.
With best regards.
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JIGAR
1 year 10 महीने पहले
OUR PM SHREE NARENDRA MODI
me gujrat ke kutch District se hu aur hamare yaha ek acha airports nhi hai poore District me Sir Jab se aap Gujrat se gaya ho hamare yaha kuch grow nhi ho rha vaise me aapko advice toh nhi de sakta aap itne age me aur power me hamse bahut bade ho lekin hame lagta hai ki aapko Social Media ke upar bhi use karne ki limit rakhni chaiye taaki hamari new genration usse thoda durr rahe haan mujhe pata hai usse toh logo me akorsh hoga starting ke kuch dino ya kuch mahino me lekin end me ye hamare fayde ke liye hi hai AUR AGAR MERI EK NORMAL INDIAN CITIZEN KI BAAT (SAMANYA BHARATIYA NAGRIK ) ki baat agar aap tak pahochi ho toh me aapka Dil se aabhari hu aur Me bhagwan Ram se prathna karunga ki aap ki umar aur bhi lambi kare yahi Hamari Last wish hogi ,THANK YOU
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rajesh kumar
1 year 10 महीने पहले
try to make corruption free india- i.e.actual rama rajya
effective drainage cleanness & collection of door to door garbage
most of government services to be online i.e face less
all transport services to be online on counter as well in house also
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ManojkumarJain
1 year 10 महीने पहले
1. **स्वास्थ्य और योग:**
"माननीय प्रधानमंत्री जी, आप से विनम्र निवेदन है कि 'मन की बात' में आप स्वस्थ जीवनशैली और योग के महत्व पर जोर दें। योग और आयुर्वेद के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें।"
2. **पानी और पर्यावरण संरक्षण:**
"प्रधानमंत्री जी, कृपया 'मन की बात' में पानी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दें। जल संकट और जलवायु परिवर्तन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए आपसे अनुरोध है कि आप देशवासियों को जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के महत्व पर प्रेरित करें।"
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Umesh Khake
1 year 10 महीने पहले
कृषि से जुड़ी सभी समस्याओं के निवारण हेतु एक हेल्पलाइन शुरू करने का विनम्र अनुरोध करना चाहता हूं।
धन्यवाद!
आपका कृपाभिलाषी
उमेश शिवाप्पा खके
ग्राम : चारठाणा
तहसील : जिंतूर, ज़िला : परभणी (महाराष्ट्र)
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MeeraRai
1 year 10 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय भारतीय न्याय व्यवस्था में सुधार किया जाये | देश की न्याय व्यवस्था बहुत ही जर्जर हैं |आम आदमी को समय पर न्याय नहीं मिल पाता हैं मिलती है तो सिर्फ तारीख पे तारीख | उज्जैन न्यायालय में 63 साल बाद विक्रय पत्र 1959 को ख़ारिज करने के लिये वर्ष 2021 में केस रजिस्टर्ड हुआ | जबकि परिसीमा अधिनियम में मियाद 3 वर्ष हैं | न्यायालयों में नियम कायदों की धज्जिया उड़ाई जा रही हैं | उपरोक्त भवन न्यायालय ने ही 1956 में नीलम किया था| न्यायालय का सेल सर्टिफिकेट भी हैं | फिर भी जबरन कुछ लोगो के निजी स्वार्थ के लिए केस घसीटा जा रहा हैं | इससे एक व्यक्ति को दो दो बार पेरालिसिस हो गया | बच्चो के एडमिशन के समय ओरिजनल डाक्यूमेन्ट चेक किये जाते हैं पर न्यायालय में केस रजिस्टर्ड करते समय ओरिजनल डाक्यूमेन्ट चेक नहीं किये जाते हैं | भूमाफियाओ ने न्यायालयों को अपना अड्डा बना लिया हैं लोगो को झूटे केस में उलझाकर परेशान किया जाता हैं | उज्जैन न्यायालय प्रकरण क्र RCS A 108 / 2021 की जाँच करवाई जाये | आम आदमी को शीध्र न्याय की वयवस्था की जाये |
mygov_1724303669151172548.pdf
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Basant Kumar
1 year 10 महीने पहले
आदरणीय प्रधान मंत्री जी सादर प्रणाम
सर आपके कार्य आद्वातीय है जिन्हें शायद कोई नहीं कर सकता था आपने अपने दृढ संकल्प से कर दिखाया है महोदय कुछ यू ट्यूबर अपनी मर्ज़ी से जो कुछ कहना चाहते है उसे लोगों के सामने प्रस्तुत रहे है जिनमें ज्यादातर अनावश्यक है असांस्कृतिक है ये लोग स्वकछंद हो गए है कृपया मार्गदर्शन करें प्रणाम
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Ankit Sharma
1 year 10 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
भारत एक महान और शक्तिशाली राष्ट्र है, जहाँ रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं ने अपने युद्धकौशल और आत्मरक्षा के अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। आज के समय मे हमारी बहन एवं महिलाएँ छेड़छाड़ बलत्कार जैसी समस्या का सामना कर रही है,
मैं, अंकित शर्मा(आत्मरक्षा प्रशिक्षक) आपसे विनम्र निवेदन करता हूँ कि भारत में आत्मरक्षा को सभी के लिए अनिवार्य किया जाए। हमारी बहन और महिलाएँ आत्मरक्षा में निपुण होंगी, तो न केवल वे स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएंगी,बल्कि समाज में अपराधों मे कमी आएगी। आत्मरक्षा को शिक्षा के पाठ्यक्रम और संस्थाओ मे अनिवार्य किया जाये,जिससे छात्राएँ, डॉक्टर,और अन्य संस्थानों की महिलाएँ भी आत्मनिर्भर और आत्मरक्षक बन सकें।
मैंने 4000 छात्राओं और महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया है,आपसे निवेदन है इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाएगा।इससे महिलाये आत्मनिर्भर के साथ आत्मरक्षक बनेगी।
अंकित शर्मा
(आत्मरक्षा प्रशिक्षक)
मोबाइल - 6260493820
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