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26 फरवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

26 फरवरी 2023  को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव
आरंभ करने की तिथि :
Feb 03, 2023
अंतिम तिथि :
Feb 24, 2023
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 98वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

26 फरवरी 2023 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें|

फिर से कायम कर देना
3144 सबमिशन दिखा रहा है
Akshaychoudhary
Akshaychoudhary 3 साल 4 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी महोदय... निवेदन है की मध्यप्रदेश में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत शहरी आजीविका मिशन में हम लगभग 400 कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर की भर्ती एक परीक्षा के द्वारा की गई जबकि हमे संविदा पर 12000 मासिक मानदेय पर रखा गया है प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना एवं शहरी गरीबों हेतु अन्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु इतने कम वेतनमान एवं विना नियमितीकरण के कार्य करना हमारा शोषण है अतः श्रीमान जी से निवेदन है की हमे नियमित पद प्रदान कर एक सम्मानजनक वेतनमान व महगाई भत्ता अन्य भत्ता प्रदान कराने की कृपा करें
RATNAKAR KAMU KIRTANY
RATNAKAR KAMU KIRTANY 3 साल 4 महीने पहले
RESPECTED PM SIR,....I HAVE A SERIOUS CONCERN ABOUT INDIA`S AGRICULTURAL PRODUCTION, THOUGH THE FARMER MAKES SOIL PREPARATIONS AND CULTIVATION, THE YIELD OF THE PRODUCE IS ALSO INFLUENCED BY THE NATURE, WEATHER & CLIMATE, RAINS. PRECAUTIONARY STORAGE TILL THE MARKET DELIVERY,.... WHEN THE YIELDS SUFFER, THE BLAME-GAME BEGINS WHICH ONLY HUMAN BEINGS CAN DO!..THIS ATTITUDE IS VERY CONDEMNABLE, AND NEEDS REMEDIAL MEASURES. NOW, I SHARE A FEW LINKS ABOUT THE CROP OF ONIONS IN MAHARASHTRA,:- (1)https://www.downtoearth.org.in/news/agriculture/after-massive-crop-damage-maharashtra-onion-farmers-stare-at-more-losses-as-prices-drop-to-all-time-low-87561 (2)https://www.business-standard.com/article/current-affairs/maharashtra-farmers-will-get-compensation-for-crop-losses-cm-shinde-122102501081_1.html (3)https://timesofindia.indiatimes.com/times-special/indias-biggest-onion-market-is-ready-to-pick-up-the-tab/articleshow/94275461.cms I SUGGEST A PROACTIVE APPROACH TO THE TRADING OF ONIONS.
PriyankaMalviya
PriyankaMalviya 3 साल 4 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी महोदय... निवेदन है की मध्यप्रदेश में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत शहरी आजीविका मिशन में हम लगभग 400 कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर की भर्ती एक परीक्षा के द्वारा की गई जबकि हमे संविदा पर 12000 मासिक मानदेय पर रखा गया है प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना एवं शहरी गरीबों हेतु अन्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु इतने कम वेतनमान एवं विना नियमितीकरण के कार्य करना हमारा शोषण है अतः श्रीमान जी से निवेदन है की हमे नियमित पद प्रदान कर एक सम्मानजनक वेतनमान प्रदान कराने की कृपा करें
Sumanmaurya
Sumanmaurya 3 साल 4 महीने पहले
पुरुष प्रधानता भारत के राष्ट्रपति की तरह है सिर्फ नाम मात्र का है परिवार तो प्रधानमंत्री की तरह ही माताएं ही संभालती हैं जो स्त्री जितने शिक्षित एवं आध्यात्मिक होती है वह परिवार उतना ही खुशहाल एवं समृद्ध होता है क्योकि एक एक मां से परिवार , परिवार बना है और एक एक एक परिवार से पूरा देश एवं विश्व बना है
Sumanmaurya
Sumanmaurya 3 साल 4 महीने पहले
पुरुष प्रधानता भारत के राष्ट्रपति की तरह ही सिर्फ नाम का है परिवार तो प्रधानमंत्री की तरह मौत आएगी संभालते हैं जो स्त्रीपुरुष प्रधानता भारत के राष्ट्रपति की तरह ही सिर्फ नाम का है परिवार तो प्रधानमंत्री की तरह मौत आएगी संभालते हैं जो स्त्री जिसने शिक्षित एवं आध्यात्मिक है वह परिवार उठना खुशहाल एवं समृद्ध होताा है और 11 मां से परिवार बना है और एक ही परिवार से देश और पूरा विश्व बनाबना है
Sumanmaurya
Sumanmaurya 3 साल 4 महीने पहले
जिस प्रकार अंग्रेजों के मर जाने पर पाकिस्तान भारत से अलग राष्ट्र बना लियाजिस प्रकार अंग्रेजों के भड़काने पर पाकिस्तान भारत से अलग राष्ट्र बना लिया उसी तरह से नेताओं के भड़काने से भारत में जाति और धर्म के नाम पर अनगिनत गुड बन गए हैं धर्म और जाति के गोटे भारत की गरीबी बेरोजगारी और दुख का कारण बन गए हैंउसी तरह से नेताओं के भड़काने से भारत में जाति और धर्म के नाम पर अनगिनत गुण बन गए हैं धर्म और जाति के गोटे भारत की गरीबी बेरोजगारी और दुख का कारण बन गए हैं
Sumanmaurya
Sumanmaurya 3 साल 4 महीने पहले
हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान पहले भारत का ही अंगहमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान पहले भारत का ही अंग था अंग्रेजों के भड़काने से धर्म के नाम पर अलग राष्ट्र बना लिया पाकिस्तान धर्म की रक्षा करने के लिए आतंकवादी देश बन गया आतंकवाद की वजह से पाकिस्तान भुखमरी गरीबी की कगार पर आ गया है धर्म की रक्षा के लिए अगर हिंसा करनी पड़े तो वह धर्म नहीं पाप बन जाता है अपने पाप की वजह से पाकिस्तान देश कष्ट में है और कोई राष्ट्र की मदद नहीं कर रहा
Sumanmaurya
Sumanmaurya 3 साल 4 महीने पहले
जब गाय बछड़े को जन्म देती है तो हम दुखी होते हैं और कुछ समय बाद छोड़ देते हैं पर जब गाय बच्चा जन्म देती है तो हम सब कुछजब गाय बछड़े को जन्म देती है तो हम दुखी होते हैं और कुछ समय बाद छोड़ देते हैं पर जब गाय बच्चा जन्म देती है तो हम सब खुश होकर पालते हैं कि अभी 1 दिन गाय की तरह बच्चे और दूध देगी। फिर हम मनुष्य होकर भी अपनी बेटी को दहेज के साथ भी देने को क्यों तैयार हो जाते हैं जबकि परिवार चलाने के लिए किसी की बेटी ही लानी है तो हर माता-पिता अपनी बेटी को अपने पास रखकर बछड़ों के समान बेटों को विदा कर अपनी बेटी को और खुद को हर सामाजिक समस्या से बचा सकतेे हैं
Pankaj Chaudhari
Pankaj Chaudhari 3 साल 4 महीने पहले
Dear Sir/Madam, I am writing this to propose giving names to Uttar Pradesh and NCR. I believe that giving names to these regions can help preserve their historical and cultural significance and give them a distinct identity. We propose that Uttar Pradesh be named Hastinapur, as it has been associated with the ancient state mentioned in the Mahabharata. Hastinapur was one of the most prominent states during the epic era and naming the state after it can help promote its rich cultural heritage. Similarly, I propose that NCR be named Idrapratha, as it was one of the ancient states located in the region. Naming the area after Idrapratha can help revive the memory of the region and give the region a unique identity. I believe that these names can help promote tourism, cultural awareness, and the historical significance of these regions. Moreover, it can give a sense of pride and ownership to the people residing in these areas. Thank you.