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27 फरवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

आरंभ करने की तिथि :
Feb 03, 2022
अंतिम तिथि :
Feb 24, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...
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Madhu PM
4 साल 4 महीने पहले
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sivadasan kesavan
4 साल 4 महीने पहले
Respected Modiji,
Thanks for giving me a chance to participate in Mann ki Baath. I was asked to give my suggestions for the Mann ki Baath. I wish to see India, energy independent. Energy independence is different from energy security. My experiences while engaging in my effort to make India energy independent is described in the writeup attached.
Waiting to participate in the Mann Ki Baath.
Respectfully
K.Sivadasan
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mygov_164534337448333971.pdf
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Anjna Gaur
4 साल 4 महीने पहले
sir,
नगर निगम दिल्ली करावल नगर में AD 9880 कचरा गाड़ी हेल्पर गाड़ी में बैठा रहता हैं। जबकि उसका कार्य जो गाड़ी में कचरा नही डाल पाते । साथ ही टाइमिंग फिक्स नहीं है। प्लीज हेल्पर कचरा लेने के लिए खड़ा रहे ताकि ऊंचाई पर रहने वाले उपर से बास्केट दे सके।
मेडिकल प्रॉब्लम से मैं मेरे जैसे कई लोग मौजूद है।
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jinakumarp
4 साल 4 महीने पहले
HONOURABLE PM JI please consider & solve this.
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Narendra Gemawat
4 साल 4 महीने पहले
Please Our Education should be GUIDED through REAL HOSTORY which NEVER reached in REALITY to our SCHOOLs
Please Change EDUCATION systems WITHOUT any TALKING on PUBLIC FIELD but SILENTLY with FIRMNESS
My Brother ASHOK GEMAWAT shall be happy to share his HISTORY knowledge
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Ayan Sadhu
4 साल 4 महीने पहले
If free and fair election is really targeted respected PM Sir, then why not link it to Aadhar or the likes and link it with mobile phone registered against it so that it becomes OTP based & there remains no iota of doubt about the false voting mechanism existent now? Please do ponder on the idea seriously as we only seek a free and fair governance for our nation to prosper and lead the whole world as of the historic era before the British rule.
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Hariom Namdev
4 साल 4 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी, मैं हरिओम नामदेव (शिक्षक एवं लेखक) covid -19 के दौरान जब पूरी दुनिया घरों में कैद थी , तब देश के भविष्य का निर्माण करने में लगे हुए शिक्षकों के सम्मान में आपको बोलना चाहिए , क्योंकि यही वे लोग हैं जो उस समय भी शिक्षण कार्य को कुछ ही दिनों में बदलाव ला कर शिक्षण सामग्री को E-Content में बदला और छात्रों तक पहुंचाया, काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा शिक्षक साथियों को,अगर मैं अपनी बात करूं तो मैं एक प्राइवेट डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर,बी एड विभाग में कार्यरत हूँ, बी एड/एम एड के लिए बुक्स भी लिखता हूं, वर्तमान में बी ए शिक्षाशास्त्र विषय के लिए नई शिक्षा नीति 2020 के नए पाठ्यक्रम को लेकर बुक्स लिख रहा हूँ,और अपने यूट्यूब चैनल Online VidyaDhan , और Online VidyaDhan App के माध्यम से E- Content पूरे विश्व में पहुंचाने का कार्य कर रहा हूँ। क्योंकि मैं समझ गया हूं ,कि आने वाले 10 वर्षों में E- Content ही बच्चों के लिए उपयोगी होगा। इन सब के बाबजूद भी सिर्फ एक ही समस्या से गुजरना होता है एक प्राइवेट शिक्षक को ,उसकी आर्थिक स्थिति! कहने को डिग्री कॉलेज में शिक्षक हू।
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RabindraKumarJhunjhunwala
4 साल 4 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
यह सुझाव बेरोजगारी दूर करने के लिए एक उपयुक्त साधन हो सकता है। भारत एक कृषिप्रधान देश है। हमारे यहाँ जंगलों की बहुतायत है। इन जंगलों में बड़े बड़े पेड़ लगे रहते हैं। इन पेड़ों के नीचे की जगह खाली पड़ी रहती है। मेरे अपने खेत में सागवान के करीब 200 पेड़ लगे हैं। उनके नीचे की खाली जगह पर मैंने हल्दी के पौधे लगाए हैं। जो कि करीब छह महीने में उपज मिल जाती है। यह पौधे बरसात के पहले लगाए जाएं है। और जनवरी महीने में फसल तैयार हो जाती है। पौधों में पानी देने की भी ज्यादा जरूरत नही होती। बिशेष बात यह है कि हर साल फिर से नए पौधे लगाने की भी जरूरत नही होती है। जब हल्दी तैयार होने के बाद जमीन के नीचे से निकाली जाती है उसी समय हल्दी की एक गांठ को नीचे छोड़ दिया जाता है जिससे कि अगले साल उसी जगह अपने आप फसल फिर से तैयार हो जाती है। साथ ही साथ मैने उन पेडों के नीचे काली गोलमिर्च के पौधे भी लगाए जो कि धीरे धीरे बढ़ते हुए उन पेडों पेर चढ़ जाते है और तीन चार सालों में काली गोलमिर्च भी तैयार हो जाती है। इस तरीके से हम जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों को रोज़गार उपलब्ध करवा सकते हैं।
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RAJDEEP PAL
4 साल 4 महीने पहले
I request the Honorable Prime Minister of India to go through my suggestion about improving education system provided in the PDF attached below and take urgent measures to implement my suggestion.
Quick implementation will not only benefit the students but will also help the nation in achieving the NEP2020.
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Nellai D Muthuselvam
4 साल 4 महीने पहले
Why train services suspended by the Corona curfew have not been fully resumed.
Does the central government not want the country to return to normalcy?
Most of the train services operating before the Corona curfew have been suspended in the southern districts of Tamil Nadu.
There is no development in the southern districts of Tamil Nadu.
Trains operated to help self-employed, college students, and those working in small private companies commute to and from work are now discontinued.
The poor and middle class who have suffered the loss of revenue due to the corona curve are traveling on buses paying more.
New trains are not even needed.
All passenger train services operated before the Corona curfew should be operated immediately across the country.
Passenger train services, which had been operating to help small towns grow, need to be fully restarted.
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