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28 जुलाई 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात के लिए आपके विचार/सुझाव आमंत्रित

Inviting ideas for Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 28th July 2024
आरंभ करने की तिथि :
Jul 03, 2024
अंतिम तिथि :
Jul 26, 2024
18:15 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

माननीय PM श्री नरेंद्र मोदी जी आपके साथ उन विषयों और समस्याओं पर अपने ...

माननीय PM श्री नरेंद्र मोदी जी आपके साथ उन विषयों और समस्याओं पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हैं जो आपके लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री जी आपको 'मन की बात' के 112 वें एपिसोड पर संबोधित करने वाले विषयों पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित करते हैं।

आने वाले मन की बात एपिसोड में प्रधानमंत्री जिन विषयों या मुद्दों पर बात करना चाहते हैं, उनके बारे में अपने सुझाव हमें भेजें। इस ओपन फोरम में अपने विचार साझा करें या वैकल्पिक रूप से आप टोल-फ्री नंबर 1800-11-7800 पर भी डायल कर सकते हैं और हिंदी या अंग्रेजी में प्रधानमंत्री के लिए अपना संदेश रिकॉर्ड कर सकते हैं। कुछ रिकॉर्ड किए गए संदेश प्रसारण का हिस्सा बन सकते हैं।

आप 1922 पर एक मिस्ड कॉल भी दे सकते हैं और सीधे प्रधानमंत्री को अपने सुझाव देने के लिए एसएमएस में प्राप्त लिंक का अनुसरण कर सकते हैं।

और 28 जुलाई 2024 को सुबह 11:00 बजे मन की बात के साथ बने रहें।

फिर से कायम कर देना
4246 सबमिशन दिखा रहा है
SANDEEPKUMARWARADE
SANDEEPKUMARWARADE 2 साल 1 week पहले
1. आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव 2023 के संकल्प पत्र के पेज नंबर 81 के बिंदु क्रमांक 7 पर लिखा था की हम मध्यप्रदेश के समस्त आउटसोर्स कर्मचारियों की वेतन वृद्धि करेंगे और संविदा का लाभ देंगे। जिसे अभी तक पूरा नही किया गया है। जिसे पूरा करवाने की कृपा करें 🙏 2. आउटसोर्स कर्मचारियों को कभी भी सेवा से पृथक कर दिया जाता है ऐसे मे कई वर्षों तक विभाग मे काम करने वाला युवा बेरोजगार हो जाता है दूसरी नौकरी करने के लिए उसकी उम्र भी समाप्त हो चुकी होती है। आउटसोर्स कर्मचारियों की भी सेवा अवधि सरकारी कर्मचारियों की तरह ही 62 वर्ष तक की जाए। 3. आउटसोर्स कर्मचारियों (डाटा एंट्री ऑपरेटर/कंप्यूटर ऑपरेटर) का वेतन कंपनी(ठेकेदार) के मध्यम से ना दिया जाकर सीधे जो आउटसोर्स कर्मचारी जिस विभाग मे कार्य कर रहा है उसी विभाग से सीधे वेतन दिया जाए। क्योंकि कंपनी(ठेकेदार) वेतन देने मे 5 से 6 महीने तक का समय लगा देती हैं और वेतन का 50% तक अपने जेब मे डाल लेती हैं जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
SANDEEPKUMARWARADE
SANDEEPKUMARWARADE 2 साल 1 week पहले
इसलिए मेरा सरकार से सवाल है की जब आउटसोर्स कर्मचारी (डाटा एंट्री ऑपरेटर/कंप्यूटर ऑपरेटर) सरकारी विभाग मे सरकारी कर्मचारियों के बराबर ही काम कर रहे हैं तो क्या कारण है की इन आउटसोर्स कर्मचारियों को मजदूरों/श्रमिकों की श्रेणी मे रखा गया है और वेतन के नाम पर महीने का मात्र 9 से 10 हजार रुपए ही दिया जाता है? और क्यों आउटसोर्स पर काम करने वाले इन लाखों गरीब युवाओं के साथ सौतेला व्यवहार करके शोषण किया जा रहा है? इसलिए मेरा अपने देश के लोकप्रिय, जन हितैषी यशस्वी प्रधानमंत्री जी से करबद्ध निवेदन है की हम आउटसोर्स (डाटा एंट्री ऑपरेटर/कंप्यूटर ऑपरेटर) कर्मचारियों की पीड़ा को समाप्त करने की कृपा करें और निम्नानुसार लाभ दिलवाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार को निर्देशित करने की महान कृपा करें मध्यप्रदेश का समस्त आउटसोर्स कर्मचारी वर्ग आपका सदा आभारी रहेगा –
SANDEEPKUMARWARADE
SANDEEPKUMARWARADE 2 साल 1 week पहले
माननीय प्रधान मंत्री जी, माननीय मुख्यमंत्री जी मध्यप्रदेश के नाम सन्देश नमस्कार, जैसा की आपके पत्र में लिखा है की देश की 140 करोड़ जनता मेरा परिवार है। मेरी सरकार युवाओं की सरकार है, गरीबों की सरकार है। आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता हूं की मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों मे विगत कई वर्षों से आउटसोर्स कर्मचारी (डाटा एंट्री ऑपरेटर/कंप्यूटर ऑपरेटर) रखे गए हैं जो पूरी मेहनत, लगन और ईमानदारी से सरकार का काम करते हैं। किंतु इन आउटसोर्स कर्मचारियों वेतन के नाम पर मिलता है तो मजदूरी दर महीने का 9 से 10 हजार रुपए मात्र जो आज के इस मंहगाई के दौर मे ऊंट के मुंह मे जीरा के समान है।
Akula ramanjaneyulu
Akula ramanjaneyulu 2 साल 1 week पहले
Respected Honourable primeminister sir, I Akula Ramanjaneyulu, junior lecturer in economics, government junior college, Rajampeta, request you that please accept my views about eradicates the crimes are done by minor boys against the minor girls. 1.In India some of the state governments ,educational institutions are implementing digital education at Corona pandemic era,from that period our minor boys or adolescents are using cellphones, taps and computersystems for acquiring knowledge about prescribed content of concern standards. 2But this online education had both positive and negative shades, negative shade is they are attracted towards undesirable,antisocial things& sexual harassment, so we were very cautious on utilizing the internet properly,we have to research the solution for it. 3.especially dietary habits are motivated the minor boys to attract on undesirable things,they are Maximum usage of Broiler chicken products, Adulteration of edible oils, milk pockets,fast food, etc.
ASHVINIRAHANGDALE
ASHVINIRAHANGDALE 2 साल 1 week पहले
3. आउटसोर्स कर्मचारियों (डाटा एंट्री ऑपरेटर/कंप्यूटर ऑपरेटर) का वेतन कंपनी(ठेकेदार) के मध्यम से ना दिया जाकर सीधे जो आउटसोर्स कर्मचारी जिस विभाग मे कार्य कर रहा है उसी विभाग से सीधे वेतन दिया जाए। क्योंकि कंपनी(ठेकेदार) वेतन देने मे 5 से 6 महीने तक का समय लगा देती हैं और वेतन का 50% तक अपने जेब मे डाल लेती हैं जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ता है। 4. आउटसोर्स (डाटा एंट्री ऑपरेटर/कंप्यूटर ऑपरेटर) कर्मचारियों को मजदूरों/श्रमिकों की श्रेणी मे ना रखा जाए क्योंकि हम आउटसोर्स कर्मचारी भी सरकारी कर्मचारियों के समान ही कार्य करते हैं। इसलिए हम आउटसोर्स कर्मचारियों को भी मिनिमम 25000 रुपए प्रति माह दिया जाए जिससे हमारा भी घर परिवार चल सके। हम सभी आउटसोर्स (डाटा एंट्री ऑपरेटर/कंप्यूटर ऑपरेटर) कर्मचारियों को आशा ही नही पूर्ण विश्वास है की हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी पीड़ा को समझेंगे और हमारी इस पीड़ा को समाप्त करने की क्रपा करेगे 🙏🙏 धन्यवाद
ASHVINIRAHANGDALE
ASHVINIRAHANGDALE 2 साल 1 week पहले
इसलिए मेरा अपने देश के लोकप्रिय, जन हितैषी यशस्वी प्रधानमंत्री जी से करबद्ध निवेदन है की हम आउटसोर्स (डाटा एंट्री ऑपरेटर/कंप्यूटर ऑपरेटर) कर्मचारियों की पीड़ा को समाप्त करने की कृपा करें और निम्नानुसार लाभ दिलवाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार को निर्देशित करने की महान कृपा करें मध्यप्रदेश का समस्त आउटसोर्स कर्मचारी वर्ग आपका सदा आभारी रहेगा – 1. आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव 2023 के संकल्प पत्र के पेज नंबर 81 के बिंदु क्रमांक 7 पर लिखा था की हम मध्यप्रदेश के समस्त आउटसोर्स कर्मचारियों की वेतन वृद्धि करेंगे और संविदा का लाभ देंगे। जिसे अभी तक पूरा नही किया गया है। जिसे पूरा करवाने की कृपा करें 🙏 2. आउटसोर्स कर्मचारियों को कभी भी सेवा से पृथक कर दिया जाता है ऐसे मे कई वर्षों तक विभाग मे काम करने वाला युवा बेरोजगार हो जाता है दूसरी नौकरी करने के लिए उसकी उम्र भी समाप्त हो चुकी होती है। आउटसोर्स कर्मचारियों की भी सेवा अवधि सरकारी कर्मचारियों की तरह ही 62 वर्ष तक की जाए।
ASHVINIRAHANGDALE
ASHVINIRAHANGDALE 2 साल 1 week पहले
माननीय प्रधान मंत्री जी, माननीय मुख्यमंत्री जी मध्यप्रदेश के नाम सन्देश नमस्कार, जैसा की आपके पत्र में लिखा है की देश की 140 करोड़ जनता मेरा परिवार है। मेरी सरकार युवाओं की सरकार है, गरीबों की सरकार है। आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता हूं की मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों मे विगत कई वर्षों से आउटसोर्स कर्मचारी (डाटा एंट्री ऑपरेटर/कंप्यूटर ऑपरेटर) रखे गए हैं जो पूरी मेहनत, लगन और ईमानदारी से सरकार का काम करते हैं। किंतु इन आउटसोर्स कर्मचारियों वेतन के नाम पर मिलता है तो मजदूरी दर महीने का 9 से 10 हजार रुपए मात्र जो आज के इस मंहगाई के दौर मे ऊंट के मुंह मे जीरा के समान है। इसलिए मेरा सरकार से सवाल है की जब आउटसोर्स कर्मचारी (डाटा एंट्री ऑपरेटर/कंप्यूटर ऑपरेटर) सरकारी विभाग मे सरकारी कर्मचारियों के बराबर ही काम कर रहे हैं तो क्या कारण है की इन आउटसोर्स कर्मचारियों को मजदूरों/श्रमिकों की श्रेणी मे रखा गया है और वेतन के नाम पर महीने का मात्र 9 से 10 हजार रुपए ही दिया जाता है? और क्यों आउटसोर्स पर काम करने वाले इन लाखों गरीब युवाओं के साथ सौतेला व्यवहार करके शोषण किया जा रहा है?