Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

30 जुलाई 2017 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के लिए अपने विचार साझा करें

Share your ideas for PM Narendra Modi's Mann Ki Baat on 30th July 2017
आरंभ करने की तिथि :
Jul 19, 2017
अंतिम तिथि :
Jul 28, 2017
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण ...

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार आपके साथ साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 34 वें संस्करण के संबंध में प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके अनोखे विचार को शामिल किया जा सके।

आप अपने पसंदीदा विषयों, जिन पर आप चाहते हैं कि प्रधानमंत्री बात करें, उसके बारे में अपने सुझाव व विचार भेज सकते हैं।

आप अपने विचार इस खुले मंच पर साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। आपके संदेशों में से कुछ संदेशों के चुनिंदा हिस्से को मन की बात में प्रसारित भी किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल देकर और एसएमएस में दिए लिंक पर जाकर सीधे प्रधानमंत्री को भी अपने सुझाव व विचार भेज सकते हैं।

सुझाव और विचार भेजने की आखिरी तारीख है 26 जुलाई 2017

30 जुलाई 2017 को प्रातः 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना ना भूलें।

फिर से कायम कर देना
1625 सबमिशन दिखा रहा है
Santanu Kumar Sahoo
Santanu Kumar Sahoo 8 साल 11 महीने पहले
Sir, I am a resident of Raj Nagar Part II, Palam Colony, New Delhi since last 10 years. There is no any public toilet, no sewer line in our locality, no arrangement of fatching of garbage available. If it is possible atleast sewer line and public toilet may please be provided. And some Govt official may be entrusted with the task of surprise check of works done by the govt employed staff deputed for the cleaning of streets.
Praveen jain
Praveen jain 8 साल 11 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी वस्तु एवं सेवाकर लागू करके आपने ऐतिहासिक कार्य किया है पर लोगों के सामने व्यावहारिक कठिनाइयाँ आ रही हैं, केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने वस्तु एवं सेवाकर की ऑनलाइन विवरणी दाखिल करने की सुविधा, वसेक विवरणी दाखिल करने पर ईमेल व एसएमएस अलर्ट, वस्तु एवं सेवाकर में पंजीयन की ऑनलाइन सुविधा केवल अंग्रेजी में ही शुरू की है और इससे देश के अंग्रेजी न जानने वाले करोड़ों व्यापारियों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है, क्या ये सुविधाएँ भारतीय भाषाओ में नहीं होंगी?
Ashish Nayak_5
Ashish Nayak_5 8 साल 11 महीने पहले
आदरणीय सर, पेड़-पौधे महँगाई को कम करते हैं, रोजगार में वृद्धि करते हैं, उस स्थान को स्वच्छ करते हैं और सुंदरता प्रदान करते हैं आदि... इसलिए सभी जगह जहाँ-जहाँ इनकी कमी है, इनका रोपड़ किया जाना चाहिए तथा इनकी सुरक्षा व जंगलों की सुरक्षा की जानी चाहिए ताकि इनकी संख्या में वृद्धि हो सके, जिससे आने वाला कल सुंदर हो, यदि आप इस बात का निर्देश देंगे तो सभी लोग इन पेड़-पौधों की ओर आकर्षित होगें, इनकी सुरक्षा करेंगे, रोपड़ करेंगे तथा अवैध कटाई से लोग डरेंगे, धन्यवाद
Mritunjoy Tewary (মৃত্যুঞ্জয়)
Mritunjoy Tewary (মৃত্যুঞ্জয়) 8 साल 11 महीने पहले
http://www.hindustantimes.com/india-news/kerala-media-group-mathrubhumi-announces-period-leave-for-women-employees/story-EbzM6a6c8MyfV6tlvNS8sK.html मेरा आपसे अनुरोध है के इस मसले पर आप बिचार कीजिये, और जो सही हो वो कदम लें। ये एक बहुत उत्तम कदम उठाया गया है केरला और मुंबई स्थित कंपनी द्बारा , इस बिशेष छुट्टी जो हर महिलाओं को मिलना चाहिए ऐसा हमारा बिचार है ,इस पर मेरा आप से बिनती है के आप चिंतन करके देखिये के इसे पुरे देश में लागु किया जा सकता है की नहीं। बिनम्र प्रणाम- मृत्युंजय तिवारी
Mritunjoy Tewary (মৃত্যুঞ্জয়)
Mritunjoy Tewary (মৃত্যুঞ্জয়) 8 साल 11 महीने पहले
माहवारी आज भी हमारे देश में एक ऐसी बिषय है जैसे खुले में बात करना अशोभनीय मन जाता है, हालां की इसीमें सृष्टि की प्राम्भ होता है। अम्बुबाची मेला गुवाहाटी शहर के देवी कामाख्या मंदिर में हर साल इस बिस्वास के साथ पालन किया जाता है के धरती माता और देवी कामख्या,इस दौरान अपने मासिक धर्म से जाते हैं। हर साल लाखों तीर्थयात्रियों, साधुओं से लेकर घरेलू तक, पूरे भारत से, इस त्योहार को देखने के लिए गुवाहाटी आते हैं। फिर भी हमलोग आज तक इस बहत सहज, सरल और साधारण बिषय को छुआछूत में बांध के रखें है।
Mritunjoy Tewary (মৃত্যুঞ্জয়)
Mritunjoy Tewary (মৃত্যুঞ্জয়) 8 साल 11 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्रीजी, कुछदिन पहले केरल'मातृभूमि'अपने महिला कर्मचारियों के लिए माहवारी विशेष छुट्टी की घोषणा की। कई देशोंमें माहवारी-छुट्टी महिला कर्मचारियों की छुट्टी नीति का हिस्सा है। काम करने वाली महिलाओं के प्रति वर्ष चिकित्सा अवकाश हेतु 24 दिनोंकी (२ दिन हर महीने की हिसाब से) अतिरिक्त ऐच्छिक छुट्टी (मेडिकल लीव) मिलना चाहिए। लड़कियाँ जो स्कूलों-कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं उन्हें भी १०% उपस्थिति में रियायत मिलनी चाहिए। लड़कियों के लिए कम से कम इतनी शिथिलता होना चाहिए।
Dr Shilpi Pandey
Dr Shilpi Pandey 8 साल 11 महीने पहले
कृपया महिलाओं व प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे हर कर्मचारी के साथ हो रहे डिस्क्रिमिनेशन पर लगाम कसें। और बॉस सामने से बोलते हैं कि हर प्राइवेट कंपनी में ऐसा ही मनमानी होता है। इसकी आदत डाललो। बोलते हैं कि आपके ख़ून की आखिरी बूँद भी निचोड़ लेती है कंपनी। कंपनी आपके पास नहीं गयीथी आप आयी थी काम करने। कंपनी को आपकी ज़रूरत नहीं आपकी जगह कोई दूसरा आजायेगा। अब आपसे ही उम्मीद है कि कुछ राहत मिलेगी
Dr Shilpi Pandey
Dr Shilpi Pandey 8 साल 11 महीने पहले
सर प्राइवेट कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों की दुर्दशा पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। उनको ओवर टाइम कराया जाता है या दबाव डाला जाता है। एक इंसान से चार चार लोगों जितना काम कराया जाता है पैसे भी कम देते हैं। कोई जौब सिक्येरिटी नहीं। ख़ासतौर लेडीज़ के साथ बहुत डिस्क्रिमिनेशन होता है। उनको पुरुषों के मुकाबले कम तन्ख्वाह देते हैं, पदोन्नति का तो भगवान ही मालिक है। ऊपर से यदि महिला उच्चशिक्षा प्राप्त बुद्धिमान है तो बॉस के ख़ास लोगों का टार्गेट होता है बैकबाइटिंग करके बॉस के सामने उसकी इमेज खराब करना