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आरंभ करने की तिथि :
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अंतिम तिथि :
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Santanu Kumar Sahoo
8 साल 11 महीने पहले
Sir, I am a resident of Raj Nagar Part II, Palam Colony, New Delhi since last 10 years. There is no any public toilet, no sewer line in our locality, no arrangement of fatching of garbage available. If it is possible atleast sewer line and public toilet may please be provided. And some Govt official may be entrusted with the task of surprise check of works done by the govt employed staff deputed for the cleaning of streets.
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Praveen jain
8 साल 11 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी
वस्तु एवं सेवाकर लागू करके आपने ऐतिहासिक कार्य किया है पर लोगों के सामने व्यावहारिक कठिनाइयाँ आ रही हैं, केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने वस्तु एवं सेवाकर की ऑनलाइन विवरणी दाखिल करने की सुविधा, वसेक विवरणी दाखिल करने पर ईमेल व एसएमएस अलर्ट, वस्तु एवं सेवाकर में पंजीयन की ऑनलाइन सुविधा केवल अंग्रेजी में ही शुरू की है और इससे देश के अंग्रेजी न जानने वाले करोड़ों व्यापारियों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है, क्या ये सुविधाएँ भारतीय भाषाओ में नहीं होंगी?
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Ashish Nayak_5
8 साल 11 महीने पहले
आदरणीय सर, पेड़-पौधे महँगाई को कम करते हैं, रोजगार में वृद्धि करते हैं, उस स्थान को स्वच्छ करते हैं और सुंदरता प्रदान करते हैं आदि... इसलिए सभी जगह जहाँ-जहाँ इनकी कमी है, इनका रोपड़ किया जाना चाहिए तथा इनकी सुरक्षा व जंगलों की सुरक्षा की जानी चाहिए ताकि इनकी संख्या में वृद्धि हो सके, जिससे आने वाला कल सुंदर हो, यदि आप इस बात का निर्देश देंगे तो सभी लोग इन पेड़-पौधों की ओर आकर्षित होगें, इनकी सुरक्षा करेंगे, रोपड़ करेंगे तथा अवैध कटाई से लोग डरेंगे, धन्यवाद
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Mritunjoy Tewary (মৃত্যুঞ্জয়)
8 साल 11 महीने पहले
http://www.hindustantimes.com/india-news/kerala-media-group-mathrubhumi-announces-period-leave-for-women-employees/story-EbzM6a6c8MyfV6tlvNS8sK.html
मेरा आपसे अनुरोध है के इस मसले पर आप बिचार कीजिये, और जो सही हो वो कदम लें।
ये एक बहुत उत्तम कदम उठाया गया है केरला और मुंबई स्थित कंपनी द्बारा , इस बिशेष छुट्टी जो हर महिलाओं को मिलना चाहिए ऐसा हमारा बिचार है ,इस पर मेरा आप से बिनती है के आप चिंतन करके देखिये के इसे पुरे देश में लागु किया जा सकता है की नहीं।
बिनम्र प्रणाम-
मृत्युंजय तिवारी
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Mritunjoy Tewary (মৃত্যুঞ্জয়)
8 साल 11 महीने पहले
माहवारी आज भी हमारे देश में एक ऐसी बिषय है जैसे खुले में बात करना अशोभनीय मन जाता है, हालां की इसीमें सृष्टि की प्राम्भ होता है। अम्बुबाची मेला गुवाहाटी शहर के देवी कामाख्या मंदिर में हर साल इस बिस्वास के साथ पालन किया जाता है के धरती माता और देवी कामख्या,इस दौरान अपने मासिक धर्म से जाते हैं। हर साल लाखों तीर्थयात्रियों, साधुओं से लेकर घरेलू तक, पूरे भारत से, इस त्योहार को देखने के लिए गुवाहाटी आते हैं। फिर भी हमलोग आज तक इस बहत सहज, सरल और साधारण बिषय को छुआछूत में बांध के रखें है।
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PRAMOD KUMAR_175
8 साल 11 महीने पहले
भारत सरकार को आयकर दातायो की संख्या को स्वेछा से बढ़ाने व उनके कल्याण हेतु कुछ सुझाव
mygov_150073344929896594.pdf
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Mritunjoy Tewary (মৃত্যুঞ্জয়)
8 साल 11 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्रीजी, कुछदिन पहले केरल'मातृभूमि'अपने महिला कर्मचारियों के लिए माहवारी विशेष छुट्टी की घोषणा की। कई देशोंमें माहवारी-छुट्टी महिला कर्मचारियों की छुट्टी नीति का हिस्सा है।
काम करने वाली महिलाओं के प्रति वर्ष चिकित्सा अवकाश हेतु 24 दिनोंकी (२ दिन हर महीने की हिसाब से) अतिरिक्त ऐच्छिक छुट्टी (मेडिकल लीव) मिलना चाहिए। लड़कियाँ जो स्कूलों-कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं उन्हें भी १०% उपस्थिति में रियायत मिलनी चाहिए। लड़कियों के लिए कम से कम इतनी शिथिलता होना चाहिए।
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Dr Shilpi Pandey
8 साल 11 महीने पहले
कृपया महिलाओं व प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे हर कर्मचारी के साथ हो रहे डिस्क्रिमिनेशन पर लगाम कसें। और बॉस सामने से बोलते हैं कि हर प्राइवेट कंपनी में ऐसा ही मनमानी होता है। इसकी आदत डाललो। बोलते हैं कि आपके ख़ून की आखिरी बूँद भी निचोड़ लेती है कंपनी। कंपनी आपके पास नहीं गयीथी आप आयी थी काम करने। कंपनी को आपकी ज़रूरत नहीं आपकी जगह कोई दूसरा आजायेगा। अब आपसे ही उम्मीद है कि कुछ राहत मिलेगी
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Dr Shilpi Pandey
8 साल 11 महीने पहले
सर प्राइवेट कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों की दुर्दशा पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। उनको ओवर टाइम कराया जाता है या दबाव डाला जाता है। एक इंसान से चार चार लोगों जितना काम कराया जाता है पैसे भी कम देते हैं। कोई जौब सिक्येरिटी नहीं। ख़ासतौर लेडीज़ के साथ बहुत डिस्क्रिमिनेशन होता है। उनको पुरुषों के मुकाबले कम तन्ख्वाह देते हैं, पदोन्नति का तो भगवान ही मालिक है। ऊपर से यदि महिला उच्चशिक्षा प्राप्त बुद्धिमान है तो बॉस के ख़ास लोगों का टार्गेट होता है बैकबाइटिंग करके बॉस के सामने उसकी इमेज खराब करना
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Shraddha Singh
8 साल 11 महीने पहले
Can you please throw some light about the recent UGC decision of conducting just yearly NET exams and reducing the number of seats in PHD? This decision is unfair towards aspiring researchers and academicians.
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