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Discussion on Draft National Book Promotion Policy

आरंभ करने की तिथि :
Jan 03, 2019
अंतिम तिथि :
Mar 04, 2019
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

The draft NBPP is aimed at improving the availability, accessibility, quality of books and readership. The draft NBPP has been made under the guidance of the National Book ...

The draft NBPP is aimed at improving the availability, accessibility, quality of books and readership. The draft NBPP has been made under the guidance of the National Book Promotion Council (NBPC) which is chaired by the Hon’ble Minister of Human Resource Development. The draft NBPP is being placed domain for inviting comments and suggestions from the general public.

Click here to read the draft NBPP.

Last date of submission is 3rd March, 2019.

फिर से कायम कर देना
750 सबमिशन दिखा रहा है
SANJEEV KUMAR
SANJEEV KUMAR 7 साल 4 महीने पहले
जल ही जीवन है।पर वह जल जो पीने योग्य हो।अतः प्रकृति से प्राप्त वर्षा,नदी,झरनों तथा भूमिगत जल का संरक्षण करना आवश्यक है।क्योंकि इनका जल ही हम पीने के लिए प्रयोग कर सकते है यदि ये जल समुद्र में बह कर मिल गया तो ये पीने योग्य नहीं रहेगा और विश्व में पीने योग्य जल का संकट उत्पन्न हो जायेगा।इस लिए उपयोग के अनुसार ही जल का उपयोग करना चाहिए।वर्षा के जल को भूमि और तालाबो में संग्रहित करना चाहिए।घरों दूषित जल को दोवारा शुद्धिकरण करके नहरों के माध्यम से खेती में प्रयोग करना चाहिए।
SANJEEV KUMAR
SANJEEV KUMAR 7 साल 4 महीने पहले
वर्षा समान होती है पर सटे हुए खेतों में उपज सम्मान नहीं खेती पर निर्भर हो वह अधिक भूमि वाला हो कम भूमि वाले से समृद्ध हो जरूरी नहीं 6000 राहफत सभी को मिले समभाव व्यापकता का संदेश जायेगा समृद किसान हक छोड़ने व गरीबो को सस्ते दर पर सरकार की योजना में मदद के लिए प्रेरित होगे जुताई बुवाई कटाई खाद बीज से खेती भारी पड़ रही है 100 व 50 बीघा वाले बहुत से किसानों की हालत सीचित क्षेत्र के 15 व 10 बिगा वालो से भी खराब है
SANJEEV KUMAR
SANJEEV KUMAR 7 साल 4 महीने पहले
में किताबें पढ़नी चाहिए आन लाइन इन्टरनेट मोबाइल इस पर बच्चे ही नहीं बड़े भी ज्यादा जोर दे रहे हैं स्वास्थ्य पर असर हो रहा है आंखें खराब हो रही हैं सर्वाइकल की प्रबालम हो रही है देर रात तक काम करने से बुरा असर हो रहा है किताबें पढ़ने से जल्दी याद होता है समझ आता है किताबे पास में हाेती हैं आप कभी भी पढ़ सकते हैं पढ़ने से नींद भी अच्छी आती है इसमें बिजली और नेट की जरूरत नही होती है किताब पढ़ने की आदत डालनी चाहिए लाइब्रेरी में बुक्स का संग्रह होता लोग वहां जाकर पढ़ना पसंद करते हैं प्रतिदिन एक
SANJEEV KUMAR
SANJEEV KUMAR 7 साल 4 महीने पहले
जिस तरह प्रत्येक ग्राम में गौशाला खोले जाने की घोषणा की है उसी तरह हर गाँव मे पुस्तकालय की स्थापना भी करनी चाहिये जिससे महापुरुषों के विचारों व ज्ञान का प्रसार पूरे भारत मे हो सके।,,,,जय हिंद
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SANJEEV KUMAR
SANJEEV KUMAR 7 साल 4 महीने पहले
जिस तरह प्रत्येक ग्राम में गौशाला खोले जाने की घोषणा की है उसी तरह हर गाँव मे पुस्तकालय की स्थापना भी करनी चाहिये जिससे महापुरुषों के विचारों व ज्ञान का प्रसार पूरे भारत मे हो सके।,,,,जय हिंद
kapil patidar
kapil patidar 7 साल 4 महीने पहले
जिस तरह प्रत्येक ग्राम में गौशाला खोले जाने की घोषणा की है उसी तरह हर गाँव मे पुस्तकालय की स्थापना भी करनी चाहिये जिससे महापुरुषों के विचारों व ज्ञान का प्रसार पूरे भारत मे हो सके।,,,,जय हिंद
अमोल श्रीराम कुल्थिया
अमोल श्रीराम कुल्थिया 7 साल 4 महीने पहले
जान संख्या देश की बढ़ती सबसे गंभीर समस्या है । भध्ति जान संसंख्या हर क्षेत्र पर प्रभाव दाल रही है । बेरोजागृ हो या कानून वेवस्था शिक्षा हो या उपचार देश की अर्थ वेवस्था के अलावा मानवी जीवन भी निचले स्तर पर जा रहा है । जनसँख्या विस्फोट का दो ही मुख्य कारन है देश में घुस बैठ और स्वार्थ और विनाश के दृष्टिकोण से बच्चों को अनियंत्रित रूप से जन्म देना । भारत में इस विषय पर अति शिग्रह ही निर्णय कर कड़े कदम उठानी की आवश्कता है । वर्ना इसके दुष्परिणाम मानवता का गाला घोट देंगे और हिंसा को हावी कर देंगे ।