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Gandhi@150 के अवसर पर समारोह

आरंभ करने की तिथि :
Aug 09, 2019
अंतिम तिथि :
Jan 30, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

जिस महान व्यक्तित्व ने पूरी दुनिया को बताया कि सौम्यता व विनम्रता से ...

जिस महान व्यक्तित्व ने पूरी दुनिया को बताया कि सौम्यता व विनम्रता से दुनिया बदली जा सकती है। उनकी 150 वीं जयंती के साथ एक नई शुरुआत की जा रही है। वे अपने पीछे नैतिकता, आत्मसम्मान, क्षमा, अहिंसा और सत्याग्रह आदि की विरासत छोड़ गए हैं। अब दुनिया तेजी से विकसित हो रही है और सभी के सतत और समावेशी विकास के लिए कुछ पहलूओं पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

गांधी स्मृति और दर्शन समिति इस डिजिटल मंच पर आपको खुली चर्चा के लिए आमंत्रित करती है जहां आप अपने बहुमूल्य विचारों को साझा कर सकते हैं।

इन विचारों को महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती समारोह के लिए समर्पित विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन में समिति द्वारा उपयोग किया जा सकता है।

भेजने की अंतिम तिथि जनवरी 30, 2020 है।

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Your name Durganath jha
Your name Durganath jha 6 साल 5 महीने पहले
हम गाँधी जी को जीते हैं । हम पंचायत चुनाव लड़ते हैं । कोई खर्चा नहीं करते हैं । बिना स्वार्थ लोगों की सेवा करना ही मेरी पहचान है । यह सेवा कितने लोगों को आकर्षित किया उसीके लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की है । फायदा में वर्ष 2006 ई में ग्राम पंच बना और वर्ष 2016 ई में गाँधी जी के सिद्धान्तों का सरपंच मात्र 56 वोटों से पीछे रह गया । अर्थात् मेरा पंचायत राज महरैल गाँधी जी के सिद्धान्तों को स्वीकार कर किया हुआ है ।
srinivasa reddy
srinivasa reddy 6 साल 5 महीने पहले
గాంధీ గారి 150 వ జయంతి సందర్బంగా ప్రతి రాష్ట్రానికి గాంధీ గారి పేరుమీద ఒక ఇంటర్నేషనల్ స్టేడియం ను నిర్మించి క్రీడలను ఎంకరేజ్ చేస్తే దేశంలో ఈ విదంగా అయినా పిల్లలు ముందుకు వస్తారు. లేని పక్షం లో జిల్లా స్థాయి ఆటల పోటీలు నిర్వహించడం ఉత్తమం.
Your name Durganath jha
Your name Durganath jha 6 साल 5 महीने पहले
आज के समय में भारत विरोधी कारनामों का समर्थन करने और भ्रष्टाचार को कुछलोग नैतिकता समझ कर चल रहे हैं । भारत के लोगों में भ्रम पैदा करके सिर्फ सत्ता हांसिल करना चाहते हैं । जिनलोगों ने नैतिकता को ताक पर रखकर सत्ता का सुख भोगने के लिए अपनी पीढ़ियों तक का इन्तज़ाम किया आज उनलोगों को संविधान खतरे में दिखाता है । क्योंकि जनता इनलोगों की वास्तविकता को भलीभांति जानते हैं । इनकी दुकान बंद हो गया है । ये लोगों को डरा कर सत्ता के लिए छटपटा रहे हैं । जिसका फायदा भारत विरोधी ताकतें उठा रहा है ।
Dr  Anil Jain
Dr Anil Jain 6 साल 5 महीने पहले
गांधी जी अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह ही एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्हें महिमा मंडित कर राजनीतिक लाभ कमाने की इच्छा शक्ति सत्ता लोलुप राजनीतिक दलों की रही है वजह यही है की गांधी जैसे विशुद्ध चरित्र को जन मानस और पाखंडियों की आलोचनायें भी झेलनी पडी। आम मानस की द्रष्टि में गांधी एक आम चरित्र है और यही बना रहे तो गांधी हमेशा दिलों में सांसे लेता रहेगा। अर्थात मेरा सुझाव है कि गांधी चरित्र का इस्तेमाल बगैर कार्यशैली के सियासत में न हो तो हम और आप गांधी के साथ न्याय कर पायेंगे।
Your name Durganath jha
Your name Durganath jha 6 साल 5 महीने पहले
आज गाँधी जी के विचारों का वही लोग मजाक उड़ाते हैं जो कभी गाँधी जी नाम पर सत्ता हासिल करते थे । यदि गाँधी जी के दर्शन को अक्षरशः पालन किया गया होता तो आज भारत की तस्वीर ही अलग होता । आतंकवाद और उग्रवाद नहीं पनपता । भारत के भीतर गद्दार पैदा नहीं होता । भारत के लोगों को रोजगार के लिए दर दर भटकना नहीं पड़ता । यदि आज के समय गाँधी दर्शन का पालन किया गया होता तो हम भारत के लोग बेरोजगार को रोजगार की गारंटी दे रहे होते ।
Your name Durganath jha
Your name Durganath jha 6 साल 5 महीने पहले
महात्मा गाँधी जी एक ईश्वर के अवतार थे । जिसे कालांतर में गाँधी जी और उनके द्वारा किये गए रचनात्मक कार्यों को भुला दिया गया । मैंने देखा कि हमारे महापुरुषों का सिर्फ जयंती और पुण्यतिथि मनाकर इति श्री कर दिया जा रहा है और उसके बाद सत्ता की छटपटाहट में भारत विरोधी कारनामों को भी नजरअंदाज करते हुए उसे पुष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं । गाँधी जी के बिना स्वच्छ,स्वस्थ और स्वावलंबी भारत की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं । खादी और ग्रामोद्योग को कागज पर लिख कर कतिन बुनकरों का रोजगार छीन लिया गया है ।
Mary Sudha
Mary Sudha 6 साल 5 महीने पहले
this is very special to celebrate 150th birth anniversary of Mahatma gandhi. the government should create the awareness to the people and lead them to follow the footsteps of gandhiji. it is better to arrange various cultural programs and competitions. and like mobile museum should be move around all over the country both urban and rural areas to spread the philosophy of mahatma gandhi