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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 30 जनवरी 2022 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 30 जनवरी 2022 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

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SAPTARSHI MAHATO
SAPTARSHI MAHATO 4 साल 5 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी नमस्ते आपसे कहना है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत जिन लोगों को अभी तक घर नहीं मिला है जिसको मिलने का हक है उन लोगों को कब तक इस सुविधा का लाभ मिल पाएगा या फिर योजना बंद हो गया है। धन्यवाद।
SAPTARSHI MAHATO
SAPTARSHI MAHATO 4 साल 5 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी नमस्ते आपसे कहना है कि प्रधानमंत्री सौभाग्य योजोना के तहत लिए गए बिजली संयोग को हमारे झारखंड सरकार के बिजली विभाग के अधिकारी लोग अमान्यता देते हुए संयोग काट दे रहा है और जुर्माना लगा रहे है। जबकि हम योजना के प्रावधान के हिसाब से लाभुक बने हैं। जबकि हमारे पास बिजली संयोग का 50 रूपिया वाला पावती रसीद है। ग्रामीण इलाकों में जितने लोगो ने "सौभाग्य योजोना" के तहत बिजली संयोग लिया है सब का यही समस्या है। ऐसा क्यों हो रहा है। धन्यवाद
Ramdev sharma
Ramdev sharma 4 साल 5 महीने पहले
मोदीजी आपसे निवेदन है कि हम दिव्यांगो की ओर भी ध्यान दें,हम भी तो इस समाज का हिस्सा है हमें आपके सहारे की जरूरत है सरजी..! आशा है कि आप जरुर इस ओर ध्यान देंगे 🙏 प्रणाम 🙏
Naveen Kediyal
Naveen Kediyal 4 साल 5 महीने पहले
सम्माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी, सप्रेम वंदन। महोदय इस मन की बात में निवेदन है कि कोरोना ने जिस प्रकार शिक्षा को बाधित किया है उसे पुनः उसके मूल स्वरूप पर लाने के लिये अवश्य कुछ कहें।विद्यार्थी शिक्षकों के प्रत्यक्ष सम्पर्क में नही हैं जिसका प्रभाव उनकी गतिविधियों,मानसिक, शारीरिक पर प्रत्यक्ष दिखाई दे रहा है इस पर आप कुछ कहेंगे तो वह सन्देश सवर्त्र प्रभाव दिखायेगा। तकनीक के दास बनाने में भी इस अवधि ने बढ़चढ़ कर काम किया है।सभी आयु वर्ग के लोग इससे प्रभावित हुए हैं उनके लिये भी सन्देश दीजिये।
PriyamvadaLitauriya
PriyamvadaLitauriya 4 साल 5 महीने पहले
प्रति, सम्माननीय प्रधानमंत्री महोदय, भारत सरकार, नई दिल्ली 🌱विषय:- वर्ष 2005 के पूर्व की भांति पेंशन लाभ दिलाया जाकर आत्मनिर्भर जीवन हेतु विनम्र आग्रह….🙏 महोदय, मेरे मन की बात आपके साथ सादर निम्नानुसार है:- 🌺वर्ष 2005 से पूर्व मिलने वाली पेंशन व परिवार पेंशन के लाभ से शासकीय सेवकों को वंचित कर बाजारवाद (NPS) के हवाले कर दिया जबकि 2005 से पूर्व की पेंशन नीति ही शासकीय सेवकों के सेवा निवृत्त होने के बाद बुढ़ापे की मजबूत लाठी है, आत्मसम्मान का ताज है जो कि वृद्धावस्था में आत्मनिर्भर होने का एक स्वर्णिम सपना भी होता है। 🌺जबकि जन प्रतिनिधि पूर्व में रहे कई-कई पदों की पेंशन का लाभ प्राप्त कर रहे हैं लेकिन हम शासकीय सेवकों को उसी पेंशन के लाभ से वंचित कर सरासर पक्षपात किया जा रहा है। 🙏आपसे विनम्र अपील है आग्रह और आशा है कि "एक राष्ट्र - एक विधान, सबको शिक्षा-सबको काम" और "हमारी उक्त समस्या का भी करेंगे अविलंब श्रेष्ठ निदान"। 🇮🇳जय हिन्द । 🙏आपके ही राष्ट्र का नागरिक और शासकीय सेवक🙏