Inviting Suggestions - Role of Tribal Communities in Viksit Bharat Initiative

आरंभ करने की तिथि :
Jun 15, 2025
अंतिम तिथि :
Jul 15, 2025
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
As part of the Government of India’s vision for Viksit Bharat (Developed India) by 2047, the Ministry of Tribal Affairs in collaboration with MyGov invites citizens to actively ...
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VipinYdv
1 year 1 महीना पहले
जनजातीय समाज का जीवन जंगलों और प्रकृति से जुड़ा होता हैं। उनके पास ऐसे बहुत से पारंपरिक तरीके हैं जो पर्यावरण को बचाने में मदद कर सकते है। मेरा मानना है कि सरकार को उनके अनुभव और ज्ञान को समझकर उसे शिक्षा और रोजगार से जोड़ना चाहिए। इससे समाज को भी फायदा होगा और उन लोगों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा
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Andaluri Srinivas
1 year 1 महीना पहले
Instead of so much funds consuming schemes for ecological balance, simple thing is to convert modern humans as tribals
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Andaluri Srinivas
1 year 1 महीना पहले
Modern humans consume too much of Earth's resources like fossil fuels, coal , many many but tribals sustain themselves plus enhance green resources
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Andaluri Srinivas
1 year 1 महीना पहले
Every tribal habitation is a nature conservation marvel
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Dr TASHANT ANEJA
1 year 1 महीना पहले
I AM DR TASHANT ANEJA, NOT MANISHA .
HOW TO INCLUDE TRIBALS COMMUNITIES AND THERE MAKE A USE OF THERE KNOWLEDGE.
1. THERE'S ONE YOUTUBER WITH NAME' PRIMITIVE SURVIVAL TOOLS' . THIS MAN CREATS BEAUTIFUL ARCHITECTURAL MODELS WHICH CAN ATTRACT TOURISTS TO STAY AND ENJOY.HE CAN CREATE UNDERGROUND SWIMMING POOL. JUST NEED SOME HELP TO MAKE REUSABLE.
2.SELLING OF TRIBAL ART, PRODUCT ACROSS THE INDIA ON ONE SINGLE PORTAL WEATHER IT IS POTTERY OR KASHMIRI SHALL OR PUNJABI PHULKARI . EVERYTHING IS HANDMADE AND SOLD ON ONE SINGLE PORTAL.JUST CREATE A PROFILE , GET SELECTED, SET PRICE AND SELL YOUR PRODUCT.
3.TRIBAL PEOPLE ARE WELL AWARE OF NATURE AND CAN GET TRANING IN DIFFERENT LANGUAGES TO SHOW THE TOURISTS HOW NATURE WORKS, HOW TO SURVIVE IN TOUGH ENVIRONMENT,THEY CAN HELP TOURIST EXPLORE WONDERS OF MOTHER INDIA. FROM HILLS TO BEAUTIFUL HIDDEN VALLEYS.THEY CAN REALLY ATTRACT TOURISTS.ALL THEY NEED IS TRANING IN DIFFERENT LANGUAGES. CONTACT FOR MORE IDEAS.
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mahender saharan
1 year 1 महीना पहले
विकसित भारत@2047 के सपने में जनजातीय समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत की 10.45 करोड़ अनुसूचित जनजाति (ST) आबादी, जो कुल जनसंख्या का 8.6% है, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति के साथ सामंजस्य के लिए जानी जाती है। ये समुदाय जैव-विविधता संरक्षण, पारंपरिक औषधीय ज्ञान, और टिकाऊ कृषि पद्धतियों में योगदान देते हैं। विकसित भारत के लिए इनका ज्ञान पर्यावरणीय स्थिरता और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देता है।
सरकारी योजनाएँ जैसे PM-JANMAN, TRIFED, और वन धन योजना जनजातीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त करती हैं, जिससे वे वन उत्पादों और हस्तशिल्प के माध्यम से आत्मनिर्भर बनते हैं। शिक्षा और कौशल विकास के जरिए जनजातीय युवाओं को मुख्यधारा में जोड़ा जा रहा है। उदाहरण के लिए, एकलव्य मॉडल स्कूल 1.18 लाख विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ-साथ, जनजातीय समुदाय राष्ट्रीय सुरक्षा में भी योगदान देते हैं, क्योंकि वे सीमावर्ती और वन क्षेत्रों में रहते हैं। उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करते हुए, इन समुदायों को सशक्त बनाना विकसित भारत की आधारशिला है।
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Shwetank Sawarn
1 year 1 महीना पहले
हमारे भारत देश में एक आदिवासी समाज ही ऐसा वर्ग है जिसने प्रकृति का संरक्षण किया है। आज के समय में जब हम अन्य प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित हैं, तो हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हम जन जाति समाज का आकर्षण माने और उन्हें उच्च सुविधा देने का संकल्प लें, लेकिन हमें इस विषय का ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें उच्च सुविधाएं प्रदान करें हम उनके जीवन जीने के मूल सिद्धांतों को देखने का प्रयास न करें।
#हमारी संस्कृति हमारी पहचान!
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Andaluri Srinivas
1 year 1 महीना पहले
New age humans always greedy for occupying other geographies, tribals limit to their habitations with sustainability
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Andaluri Srinivas
1 year 1 महीना पहले
Modern humans are destroyers of earth where as tribal communities are protecters
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ChhayaSharma
1 year 1 महीना पहले
जनजातीय समाज का जीवन जंगलों और प्रकृति से जुड़ा होता हैं। उनके पास ऐसे बहुत से पारंपरिक तरीके हैं जो पर्यावरण को बचाने में मदद कर सकते है। मेरा मानना है कि सरकार को उनके अनुभव और ज्ञान को समझकर उसे शिक्षा और रोजगार से जोड़ना चाहिए। इससे समाज को भी फायदा होगा और उन लोगों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा
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