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Let your ideas and suggestions be a part of PM Modi's Independence Day Speech 2025

आरंभ करने की तिथि :
Jul 30, 2025
अंतिम तिथि :
Aug 12, 2025
20:15 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

As the 79th Independence Day of India approaches, Prime Minister Narendra Modi is inviting citizens to share their views, ideas, and suggestions for his speech on August 15th, to ...

As the 79th Independence Day of India approaches, Prime Minister Narendra Modi is inviting citizens to share their views, ideas, and suggestions for his speech on August 15th, to be delivered from the ramparts of the Red Fort.

To be a part of this momentous occasion, share your ideas with us.

Some of the ideas may also be incorporated in the Hon'ble Prime Minister's 79th Independence Day Speech.

फिर से कायम कर देना
4378 सबमिशन दिखा रहा है
Avideep Pan
Avideep Pan 11 महीने 3 सप्ताह पहले
dear Modi ji I think most of the problem arises in India due to corruption and population so I would suggest the government to hire some special anti corruption officers . They must be trained like army officers so they will never betray our country. they must report directly to the central government.they must be well paid so they don't become greedy. they would live in disguise in government operated places and report the improvement and corruption there. The presence of them must be highly confidential. so they don't get pressured. I think it will greatly decrease the crime and corruption rate in India.
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Bittu Kaangar
Bittu Kaangar 11 महीने 3 सप्ताह पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी भारत में न्याय व्यवस्था बिल्कुल खत्म हो चुकी है भारत को ज्यूडिशियल रिफार्म करने कि बहुत आवश्यकता है, भारत को एक देश एक स्कूल ड्रेस,एक देश एक पुलिस ड्रेस,एक देश एक स्कूली पाठ्यक्रम,एक देश एक स्कूल बोर्ड कि आवश्यकता है,भारत के न्यायालयों में जो अंग्रेजी भाषा में न्यायिक प्रक्रिया है उसको मात्र भाषा में करने कि आवश्यकता है, भारत को अपने पौराणिक इतिहास आधारित शहरो के नाम परिवर्तन करने कि आवश्यकता है, भारत को सुराज्य संहिता आधारित शासन कि आवश्यकता है। मेरे भारत में पुलिस रिफार्म करने कि आवश्यकता है, भारत को डी कोलोनाइजेशन, डी रेडिकलाईजेशन,डी डालराईजेशन कि आवश्यकता है। भारत को मजार मुक्त भारत कि आवश्यकता है, भारत को घुसपैठ नियंत्रण कानून कि आवश्यकता है, भारत को आंतरिक सुरक्षा आधारित नीति बनाने कि आवश्यकता है। भारत के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने कि आवश्यकता है, भारत को पुनः अखंड भारत बनाने कि आवश्यकता है, भारत को आप जैसे प्रधानमंत्री कि आवश्यकता है। धन्यवाद जय श्री राम 🙏
Bittu Kaangar
Bittu Kaangar 11 महीने 3 सप्ताह पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, आपसे निवेदन है आप इस सुझाव में दिए गए विचार को अपने भाषण में जरूर साझा करेंगे, भारत और पश्चिमी देशों में अंतर, दुनिया में कोई भी अविष्कार होता है तो दुख से मुक्ति के लिए होता है जैसे एक तरफ जहां पश्चिमी देशों ने दुखो से मुक्ति के लिए अविष्कार किए,जिन अविष्कारो में प्रकृति को नुक्सान हुए जैसे गर्मी के दुख से मुक्ति के लिए पहले छत वाले पंखे का अविष्कार हुआ,फिर उसमे भी काम नहीं चला फिर कूलर का अविष्कार हुआ,फिर कूलर से काम नहीं चला तो एसी का अविष्कार हुआ,फिर एसी में भी बटन से बंद करने वाला दुख था तो रिमोट वाला एसी,फिर रिमोट के बटन मे भी दुख था तो टाईमर वाला एसी,फिर उस एसी से ग्लोबल वार्मिंग का दुख यानी दुख कम करते करते पश्चिम देश भले कितनी तरक्की कर ले लेकिन उसके अविष्कार प्रकृति को दुख पहुंचाने वाले ही होंगे। वहीं भारत के ऋषियों ने जो दुखो से मुक्ति का अविष्कार किया है वह वेद,उपनिषदों और आस्तिक षडदर्शनो, सांख्य योग, जैसे माध्यमों से किया है जो दुनिया को शांति प्रदान कर सकते हैं। एक बार पुरे विश्व को इनका अध्ययन करना चाहिए तभी विश्व मे शांति हो सकती है। ध
Bittu Kaangar
Bittu Kaangar 11 महीने 3 सप्ताह पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी हमारे देश को आजाद हुए 78 वर्ष हो चुके हैं और यह हमारा 79वां स्वतंत्रता दिवस होगा, लेकिन आज भी हम भारत के सरकारी स्कूलों में गुरूकुल शिक्षा प्रणाली को नहीं लेकर आ पाएं हैं एक समय था जब भारत के गुरूकुलो में मुफ्त शिक्षा मिलती थी, लेकिन आज शिक्षा व्यापार बन चुकी है। आज भी हम हमारे ऋषियों द्वारा दिए गए ज्ञान,चार आश्रम ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास। चार पुरूषार्थ धर्म अर्थ काम और मोक्ष,वेद, उपनिषद, आस्तिक षडदर्शनो, रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता, चाणक्य नीति, वास्तु कला,आदि जैसे ज्ञान को भारत के बच्चे बच्चे तक नहीं पहुंचा पाएं हैं। जिस भारत भूमि पर अपने मन को नियंत्रित करने की शिक्षा का अविष्कार हुआ आज भी उस भारत मे पहले अपराध होने कि प्रतीक्षा की जाती है फिर न्याय दिया जाता है आपसे निवेदन है आप इस भाषण मे भारतवासियों तक और पुरे विश्व तक इस ज्ञान का प्रचार करेंगे और आश्वासन देंगे कि मेरे भारत का भविष्य ऋषियों के इसी ज्ञान में छिपा है और हम ये ज्ञान भारत के बच्चे बच्चे तक पहुंचाकर रहेंगे। धन्यवाद जय श्री राम 🙏
Bittu Kaangar
Bittu Kaangar 11 महीने 3 सप्ताह पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी हमारी सरकार को 11 वर्ष से अधिक हो चुके हैं, लेकिन आज भी नीति आयोग ने भारत के गांवों को सरपंचों के भरोसे छोड रखा है,भारत कि 80% आबादी गांवों में रहती हैं लेकिन फिर भी दुर्भाग्य से शहरों के लिए स्मार्ट बनाने कि बात की जाती है लेकिन गांवों के लिए अभी तक कोई नीति नहीं बनाई गई है,हम चाहते हैं आप 15 अगस्त के भाषण में जनता से एक वादा करें,कि भारत सरकार भारत के सभी गांवों कि विडियोग्राफी करवाएगी एवं उसके बाद प्रत्येक गांव के ब्यूटिफिकेशन मैप को तैयार करवाएगी, प्रत्येक गांव के लिए एक पार्क उपलब्ध हो, सुंदर तालाब हो, गलियों एवं सडको के किनारों का सौंदर्यीकरण हो, स्ट्रीट लाईट कि व्यवस्था हो,एक सुव्यवस्थित मार्केट हो, सुंदर स्कूल हो,कुडे कचरे के कलेक्शन के लिए व्यवस्था हो,कुडे कचरे को डंप करने एवं रिसाइकिल के लिए व्यवस्था हो, गांव गांव सफाई के लिए सफाई वाहनो कि खरीद हो ,पक्की गलियों का निर्माण हो,पेड पौधे गमले आदि जैसा भी ब्यूटिफिकेशन मैप में हो उसके अनुसार कार्य हो। हम सरपंचों के भरोसे गांवों को नहीं छोड सकते,नीति आधारित काम हो। धन्यवाद जय श्री राम 🙏
Gagan Aggarwal
Gagan Aggarwal 11 महीने 3 सप्ताह पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी, मैंने "डिजिटल ग्राम स्वराज अभियान" से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सुझाव तैयार किया है, जिसमें गाँव के युवाओं को डिजिटल शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया है। मेरा मानना है कि इस पहल से भारत के गाँव तकनीकी रूप से सशक्त बनेंगे और देश को नई ऊँचाई मिलेगी। मेरी विस्तृत सुझाव-आधारित आइडिया PDF दस्तावेज़ के रूप में संलग्न है। कृपया उसे भी अवश्य देखें।
Khem Raj
Khem Raj 11 महीने 3 सप्ताह पहले
Most revered and Hon'ble PM Modi Ji It's my earnest desire and dream to see India as an emerging world power world leader and developed country by 1947 for which swadeshi sustainable supply chains should be developed owing to the world geopolitics we all Indians should rise up caste colour and creed I'm from JnK and it's it has seen many turmoils in the past before the abrogation of article 370 on 5th Aug.2019 and various attempts by unsociable elements are done to spoil the social fabric of the UT.. one of the most prevalent causing harm is the cold storage facility for which some control of the autonomous body under Govt should be there which should regulate both the food supply chains with in the valley and within the UT for Jammu for proper and equitable supply of seasonal fruits at reasonable rates and cold storage for foodchain supply within the Kashmir valley, disruption or malpractice in storage facilities create confusion among masses in both the regions of the UT of JnK