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स्कूल और प्रौढ़ शिक्षा में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का संवर्धन

शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाने में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी की सशक्त भूमिका हो सकती है। स्कू्ल शिक्षा में आईसीटी की राष्ट्रीय नीति में स्कू्ल पद्धति में आईसीटी का एक समग्र फ्रेमवर्क तैयार करने की परिकल्पना और प्रावधान किया गया है। हालाकि, ऐसे कई तौर-तरीके हैं जिनके द्वारा स्कूलों में आईसीटी को कार्यान्वित किया जा रहा है, तथापि यह अपेक्षित है कि हम सभी प्रकार की पहल में प्रौद्योगिकी का इष्टतम रूप से उपयोग करें और फायदा उठाएं ताकि गुणवत्ता और दक्षता का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। इस प्रकरण के तहत हमें यह समाधान खोजना होगा कि स्कूल और प्रौढ़ शिक्षा दोनों के लिए किस प्रकार उत्कृष्ट प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया जा सकता है और किसी भी सर्वश्रेष्ठ तौर-तरीके को किस प्रकार साझा किया जा सकता है।

• आईसीटी एकीकरण को लागू करते समय स्कूलों के सामने आने वाली सामान्य समस्याएं क्या हैं?
• क्या वे सामान्य समस्याओं से निपटने में व्यवहार्य समाधान कर रहे हैं?
• इस संबंध में राज्यों के विभिन्न अनुभव क्या रहे हैं?
• क्या कोई प्रौद्योगिकी है जिसे स्कूल और प्रौढ़ शिक्षा दोनों के लिए उद्यामन और साझा किया जा सकता है।

स्पीकर का नामः सुश्री मीता सेनगुप्ता, #Eduln की संस्थापक।

दिन, तिथि एंव समयः बुधवार, 10 जून 2015, शाम 7 बजे।

खंडनः ये विचार वक्ताओं/मध्यस्थों के द्वारा व्यक्त किए गए है, जो किसी भी प्रकार से मानव संसाधन विकास मंत्रालय और भारत सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

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