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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 29 जनवरी 2023 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 29 जनवरी 2023 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

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  Muthuselvam D
Muthuselvam D 3 साल 5 महीने पहले
The central government should explain the root cause of demonetisation of old 500 & 1000 rupee notes & the benefits to the country from demonetisation. The demonetisation cases were almost over. But people do not know the root causes of demonetisation. The impact of demonetisation is still there today.People found it very difficult to exchange money. Cases have come in favor of the government's decisions. Now explain the root cause of demonetisation, the benefits achieved by the country & how the country would have been if demonetisation had not been done. People expect the central government to explain this in the upcoming budget session.The central government should officially notify the party responsible for causing some suffering to the government and the people during demonetisation.
P MADHUSUDAN RAO
P MADHUSUDAN RAO 3 साल 5 महीने पहले
Respected PM garu,Kindly save the lives of depositors of AADARSH CREDIT COOPERATIVE MULTISTATE SOCIETY who were deceived by fraud directors of society and fraud officials of central cooperative department.21 lakh families are suffering all over INDIA about lost of our life long hard earned money.But no body taking as serious problem although we are representing in so many ways to so many concerned political representatives,officials. Is it not method to suffer senior citizens,poor farmers,small workers.Problems related to industrialists,rich persons will be solved by govt within days.But we are facing this problem from 5 years.But there is no solution.So kindly initiate on this issue and do justice to us.Otherwise so many families lost their lives with out taking own hard earned money.
TukaramMahadik
TukaramMahadik 3 साल 5 महीने पहले
8)- साउथ अफ्रीका के संविधान से-- 01 आर्टिकल । टोटल-- 256 +124 = 380 आर्टिकल इस तरह से अन्य जगह से लिया गया है । भारत के संविधान में टोटल 395 आर्टिकल में से 380 आर्टिकल अन्य जगह से लिया गया है तो ये भारत के लोगों का सविधान कैसे है ? भारत का संविधान भारत के लोगों का संविधान नहीं है ये संविधान किसी भी तरह से भारतीय नहीं है ! भारत का संविधान में 125 आर्टिकल बाहरी देशों की भावनाओं के अनुरूप बना है तथा भारत के संविधान में 256 आर्टिकल तो भारत के गुलाम लोगों के ऊपर जो उक्त 256 आर्टिकल अंग्रेजों ने गुलाम भारत के लोगों पर शासन करने के लिये लागू किया था पूरी तरह से आजादी के बाद भी भारत के संविधान में उक्त 256 आर्टिकल लागू क्यों लागू किया ? इस तरह से भारत के संविधान में टोटल 395 आर्टिकल में से टोटल 380 आर्टिकल निकालने के बाद मात्र 15 आर्टिकल भी केवल जो जवाहर लाल नेहरू ने लागू कराया है वो पूरी तरह से केवल हिन्दुओं तथा सिखों एवं बौद्धों और जैनियों को इसाई समाज और मुसलमानों का गुलाम बनाने की साजिश में लिखवाया है।
KRISHNA SWAROOP PANDULA
KRISHNA SWAROOP PANDULA 3 साल 5 महीने पहले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी नमस्ते। केंद्र सरकार को धीरे-धीरे और पूरी तरह से सभी राज्यों में विधान परिषदों को समाप्त कर देना चाहिए, क्योंकि हर राज्य में विधान सभा ही प्रमुख भूमिका निभाती है। !! कृपया विचार करें। धन्यवाद।
TukaramMahadik
TukaramMahadik 3 साल 5 महीने पहले
पूरा देश कहता है संविधान को भीमराव अंबेडकर, बाबा साहेब ने बनाया तो फिर 388 सदस्यों ने क्या किया* *👉13 समितियां थी उसमें से केवल एक समिति के 7 वें सदस्य ने ही अकेले संविधान कैसे बनाया *❓ *👉तो फिर अन्य 388 सदस्यों ने 2 वर्ष,11 माह,18 दिन क्या किया*❓ किसी भी विद्वान,बुद्धिजीवी,ज्ञानी, प्रबुद्ध जन को पता हो तो कृपया देश को बताने का कष्ट करे.. भारत के मौजूदा संविधान को बनाने में केवल जवाहर लाल नेहरू की ही मनमानी चली जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि हमारे पास समय कम है तथा अंग्रेजों के द्वारा बनाये कानून को ज्यादातर भारत के संविधान में रखवाया जो निम्नलिखित है-- 1)- इसलिए अंग्रेजों के द्वारा लागू गुलामी के कानून इन्डियन गवर्नमेंट एक्ट 1935 के 256 आर्टिकल। 2)- अमेरिका के संविधान से- 35 आर्टिकल । 3)- ब्रिटेन के संविधान से-- 22 आर्टिकल । 4)- आयरलैंड के संविधान से- 18 आर्टिकल । 5)- कनाडा के संविधान से-24 आर्टिकल । 6)- आस्ट्रेलिया के संविधान से- 16 आर्टिकल । 7)- जर्मनी के संविधान से-- 08 आर्टिकल ।
PritamPal
PritamPal 3 साल 5 महीने पहले
सर हमारा आपसे अनुरोध है कि SSC द्वारा आने वाला SSC CGLE NOTIFICATION MAY 2023 में Essential Educational crucial date को August/SEP 2023 रखा जाना चाहिए क्योंकि मेरे जैसे हजारों ऐसे ssc aspirants हैं जो स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा April/May तक दे चुके होंगे और SSC CGLE की तैयारी में लगे रहते हैं जिनका अंतिम वर्ष का परिणाम July/Aug में घोषित होता है ,हाल के अंतिम वर्षों में SSC ने CGLE 2021,2022 NOTIFICATION में फोर्म भरने की अंतिम तिथि को ही Essential Educational crucial तिथि माना है सर अगर CGLE APRIL 2023 आने वाले NOTIFICATION में भी Educational crucial तिथि फोर्म भरने की अंतिम तिथि को ही माना जाता है तो हमारे जैसे हजारों छात्र इस परिक्षा से वंचित रह जाएंगे । सर SSC द्वारा आयोजित CGL 2017और 2018 में Educational essential crucial तिथि को फोर्म भरने की अंतिम तिथि से लगभग 3 माह अधिक रखा गया था सर उसी संदर्भ के अनुसार आपसे विनम्र निवेदन है SSC CGLE APR/MAY 2023 आने वाले NOTIFICATION में भी Educational essential crucial date AUGUST/SEP 2023 रखा जाए। धन्यवाद SSC aspirants