sk1187501
7 years 10 months ago
जिसका तत्कालीन उदाहरण अस्पताल में पिछले 47 दिनों से असामान्य जीवन व्यतीत कर रही नीलम मीणा है।
तभी से(3अक्टूबर 2018) लगातार हम,राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्रों ने अनंत कालीन धरने,ईमेल्स, ट्वीट्स एवम् लिखित पत्रों आदि के माध्यम से राज्य सरकार,केंद्र सरकार एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय को परिस्थितियों से अवगत कराया हैं। किंतु सकारात्मक परिणाम न मिलने के कारण विवश होकर हम सभी छात्र संस्थान छोड़कर घर आ गए एवं अंततः अब घर से उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पडा।
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