Pratik Jadhav
6 years 1 month ago
जों मूर्ती बाहर 1500 - 1800 में मिलती हैं वह मूर्ती कें लियें ऊन्हे कोई भी पैसा देना नही पडेगा और ईसकें साथ गणेश भगवान की सेवा हो और उत्सवी मौहाल बरकरार रहे.
ईस गणेशभगवान की मूर्ती कें साथ ही सभी लोंगो को मूर्ती कें साथ पूजा सामग्री,मास्क, सॅनिटायाझर तथा सभी को विसर्जन कें लिये समुद्र या चौपाटी में नही बल्की ऊसी प्रभाग कें Artificial Pond में गणेश विसर्जन की व्यवस्था करके देने वाले हैं.
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