ShivaniChoudhary
4 months 2 weeks ago
भारत में कौशल विकास के लिए योजनाएं, बजट और नीयत—सब कुछ मौजूद है। जैसे Skill India, PMKVY, PM Vishwakarma, NRLM और ITIs। लेकिन असली चुनौती है—इतने बड़े स्तर पर प्रशिक्षण को सही तरीके से पहुँचाना और उसका प्रभाव मापना।
आज भी अधिकांश classroom पर निर्भर है, मैनुअल तरीके से चल रहा है, ग्रामीण क्षेत्रों तक निरंतर पहुँच नहीं बना पा रहा,और सही तरीके से ट्रैक नहीं हो पा रहा
BlissIQ इस समस्या का समाधान है।
यह एक AI-आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जो: मोबाइल पर आसानी से चलता है, कम इंटरनेट में भी काम करता है, कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, और प्रशिक्षण को आसान, सस्ता और बड़े स्तर पर पहुँचाने योग्य बनाता है
इससे: ITI के ट्रेनर नई तकनीकों में खुद को अपडेट कर सकते हैं, NRLM की सखियाँ अपनी भाषा में सीख सकती हैं, किसान सही समय पर सही जानकारी पा सकते हैं,और Vishwakarma कारीगर बिना क्लासरूम के अपनी ट्रेनिंग पूरी कर सकते हैं
हम अपने CSR प्रयासों में स्कूलों के साथ काम कर रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणाम देख चुके हैं। अब समय है कि हम सिर्फ प्रशिक्षण” से आगे बढ़कर वास्तविक कौशल और परिणाम पर ध्यान दें
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