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Tune in to 133rd Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 26th April 2026

Tune in to 133rd Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 26th April 2026.

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Comments closed for this talk.
Balaji Viswanathan
Balaji Viswanathan 4 months 4 weeks ago
Dear PM ji - Post successful completion of the full loan taken through banks and authorized private loan providers, we are getting calls from so many people for further loans. Also, those lenders are checking our CIBIL rates without our knowledge whenever they want and that leads to low scoring of CIBIL rates. For this my idea/suggestion is, the CIBIL rate can be checked only with consent of the loan seekers through OTP. There should be a confirmation message to the requestor mentioning the CIBIL SCORE and this message should be valid for 3 weeks so that the banks and financial institutions must accept to avoid multiple CIBIL checks. Also, The next OTP can be generated after 30 days only to avoid multiple attempts to check CIBIL score. This will avoid lot of fraud related activities . Thanks. Regards, Balaji Viswanathan
Jagdish Mohanlal Dedania
Jagdish Mohanlal Dedania 4 months 4 weeks ago
अगर कुछ लोग इकट्ठा होकर किसी जज को बंधक बना लेते हैं या पुलिस पर पत्थर फेंकते हैं, तो यह राज्य सरकार के खिलाफ बगावत है। ऐसे मामले में, देशद्रोह कानून के अनुसार, सज़ा देश निकाला होनी चाहिए। अगर मौजूदा कानून में ऐसा कोई नियम नहीं है, तो कानून में बदलाव करके ऐसे लोगों को देश निकाला दे देना चाहिए।
Chockalingam
Chockalingam 4 months 4 weeks ago
Respected Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi ji, Vanakkam. I am Chockalingam from Tiruppur, Tamil Nadu. I propose a national vision: **“Smart & Traceable Textiles for Every Indian.”** We are developing **non-electronic smart garments** that serve public health and safety—such as fever-detection clothing, sweat-mineral monitoring wearables, climate-adaptive textiles, protective garments, disaster-response clothing, and pollution-indicator fabrics. These solutions require no electricity and are scalable across India. To strengthen exports, we propose **Farmer-to-Fabric blockchain traceability**, where each garment carries a QR-based **Digital Product Passport (DPP)**. This enables full transparency from cotton farmer to final product, helping Indian exporters meet global standards and build trust in “Made in India.” This integrated approach supports **Make in India, Digital India, and sustainable manufacturing**, while improving health and livelihoods.
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lalji pansuriya
lalji pansuriya 4 months 4 weeks ago
सर नमस्कार 21 जून को वर्ल्ड योग डे दुनिया मानती हे उसमें आपका विज़न से मुमकिन हुआ हे जो यू एन में आप ने प्रथम प्रयास किया था में लास्ट तीस साल से योग पर लकड़ी में से शिल्प बनाता हु मेरा भी कला के मध्यान से आनंद में एक स्कूल में विद्यार्थियों ओ ओर सामान्य नागरिक योग प्रति अपनी रुचि बढ़ाए फ्री में सीखता हु मेरे पास आज 125 से ज्यादा योग की अलग अलग मुद्रा में शिल्प हे। में 21 जून वर्ल्ड योग डे पर वर्ल्ड लार्जेस्ट शोलो शो एक्जीबिशन करने का विचार कर रहा हु मुझे गुजरात सरकार का गौरव पुरस्कार ओर कही इनाम शिल्प के लिए मिले हे
Akhilesh patel
Akhilesh patel 4 months 4 weeks ago
नमस्कार मैं अखिलेश पटेल उत्तर प्रदेश, पीलीभीत जिला धुरिया से हु यहां हर रोज बाघ के खतरे से भरे जंगल का रास्ता है जो कि हमे सिटी से जोड़ता है और वो कच्चा है अगर हम उस रस्ते पर थोड़ा सा बजट लगाकर उससे बनाते है तो 50 से भी ज्यादा गांव को राहत की सांस मिलएगी । और गांव के किसानों और बीमार गांव के लोगों के लिए भी बहुत राहत होगा
Srisha Prabhu
Srisha Prabhu 4 months 4 weeks ago
माननीय प्रधानमंत्री जी डॉ. देविया राणे की प्रेरणादायक यात्रा इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब एक नारी का संकल्प अपनी मिट्टी और संस्कृति से जुड़ा होता है तो वह केवल सफलता ही नहीं, बल्कि एक नए युग का निर्माण करती है उन्होंने यह सिद्ध कर दिखाया है कि विकास और विरासत एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं एक साधारण काजू को वैश्विक पहचान दिलाते हुए उन्होंने न केवल उसे एक ब्रांड बनाया, बल्कि एक सम्पूर्ण जीवनशैली का निर्माण किया है। उनके प्रयासों ने महिला शक्ति को आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाया है, हजारों महिलाओं को सशक्त बनाया है और गोवा के वनों के संरक्षण को एक नई दिशा दी है इस वर्ष उनके द्वारा लॉन्च किए गए वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स, ‘ड्राइव सेफ गोवा’ जैसे जन-जागरूकता अभियान, ‘मर्दानी’ जैसे महिला सशक्तिकरण पहल और वन संपदा पर आधारित ‘फॉरेस्ट रेसिपी बुक’ ये सभी उनके दूरदर्शी नेतृत्व और समग्र विकास की सोच को और अधिक सशक्त बनाते हैं यह वही नया भारत है जहाँ नारी नेतृत्व केवल चुनौतियों का सामना नहीं करता, बल्कि उन्हें अवसरों में परिवर्तित कर राष्ट्र निर्माण की नई कहानी लिखता है। आज गोवा का काजू
lalji pansuriya
lalji pansuriya 4 months 4 weeks ago
सर नमस्कार हम ने एक ऐशा डिज़ाइन बनाया हे जो देश भर में पुल से कूद कर अप नी जान देते हे उसमें ज्याद्र 25 से 45 वर्ष के युवा होते हे ओर जनता देश की एसेट होती हे इस डिजाइन से एक भी इंसान पुल से कूद कर आप नी जान नहीं दे सकता देश भर में वार्षिक 3 से 4 हजार लोग की अंजाजित पुल पर से कूद कर आत्म हत्या करते हे।।। बहुत सिंपल डिजाइन हे।बहुत खर्च भी नहीं आता।ओर नदी पर का पुल को भी कोई नुकसान नहीं होता ओर नदी ओ का पूरा विज़न दिखता हे ओर नदी सुंदर दिखती हे लालजी पांसुरिया आनंद गुजरात 9824670063
Seema Gaur
Seema Gaur 4 months 4 weeks ago
आदरणीय प्रधानमंत्री जी आज के युवा बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश जाने को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन हमें यह समझना होगा कि हमारे देश में भी अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। भारत तेजी से स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी और AI का केंद्र बन रहा है। आज हम दूसरों की तरफ नहीं, दूसरे हमारी तरफ अपनी सफलता के लिए देख रहे हैं । यहाँ रहकर काम करने से हम न केवल अपने परिवार के करीब रहते हैं, बल्कि देश के विकास में भी योगदान देते हैं। विदेश में सफलता मिल सकती है, लेकिन अपने देश में बदलाव लाने का गर्व कहीं अधिक बड़ा होता है। यदि हर प्रतिभाशाली युवा भारत में ही अवसर बनाए, तो हमारा देश विश्व में अग्रणी बन सकता है । मेरा आपसे निवेदन है कि आप आज के प्रतिभाशाली युवाओं को इस विषय को केन्द्रित करते हुए अवश्य संबोधित करें । धन्यवाद
Shubham  Gaonkar
Shubham Gaonkar 4 months 4 weeks ago
आदरणीय प्रधानमंत्री जी यह बात आपके नजर में लाते वक्त मुझे आनंद हे कि 3 दिन पहले गोवा में goa cashew fest नामक एक कार्यक्रम का आयोजन पर्यें चुनाव क्षेत्र कि हमारी विधायिका Dr deviya vishwajit rane जी ने किया इस आयोजन गोवा वन विकास महामंडळ कि और से किया गया इसके पीछे एक दुर्देष्टी देविया जी कि थी कि गोवा का काजू उस्का स्वाद ओर अलग पहचान पुरे देश और इसके स्वाद को गोवा के ग्रामीण इलाके उठ कर जागतिक स्थर पर हम अपने काजू और उसके साथ जो विभीन प्रकार के स्वादिष्ट व्यजन बनते है उसको गाव कि गरीब काजू किसानी करने वाले किसान माता के चुले से राष्ट्र स्थर ले लेकरं अंतराष्ट्रीय स्थर पर ले जाया सकता हे.. यह उन्होने साबित किया हे.. वन प्राधिकारण कि अध्यक्षा के तोर पर गोवा कि महिलावो को उच्चीत रोजगार मिले को महिला विशेष तोर पर काजू कि किसानी करती है उनका उच्चीत भाव काजू से किये जाणे वाले अनेक प्रकार करणे ने लिये उच्चीत प्रकिशन देणे पर उनका काफी पर्यास राहा हे गाव कि किसान महिला अपने दम पर स्वालंबी किस तरह से हो सक्ती है यह ध्येयनिपूर्ण प्रयास गोवा के किसान साक्षी है. P
Vishwanath H
Vishwanath H 4 months 4 weeks ago
To discourage people from hoarding cash and then creating a black money economy, I suggest a very simpler idea. Print an EXPIRY YEAR on the currency. Currency will be deposited into the bank to avoid transacting with expired currencies. This will encourage everyone to move the hard cash as early as possible to next person or to the bank. This will reduce the amount of black money in circulation. We can discuss finer details as needed.