प्रधानमंत्री जी, डॉ. देविया राणे की यात्रा इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि जब एक महिला का दृढ़ संकल्प मिट्टी से जुड़ा होता है, तो वह क्या-क्या हासिल कर सकती है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि विकास और विरासत दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। उन्होंने सिर्फ एक काजू को ही ब्रांड नहीं बनाया, बल्कि एक जीवनशैली को ब्रांड बनाया है, एक महिला वर्ग को सशक्त बनाया है और गोवा के जंगलों का भविष्य सुरक्षित किया है। यह है नया भारत—जहां एक नारी आगे बढ़कर चुनौतियों को वनों के समान अवसरों में बदल रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि हमारे जंगल आने वाली पीढ़ियों को भी पोषण देते रहें। उनके प्रयासों से गोवा का काजू अब सिर्फ एक नाश्ता नहीं रह गया है; यह आत्मनिर्भर भारत की कहानी है—जंगल के बीचोंबीच खिलता हुआ आत्मनिर्भर भारत।
प्रधानमंत्री जी, डॉ. देविया राणे की यात्रा इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि जब एक महिला का दृढ़ संकल्प मिट्टी से जुड़ा होता है, तो वह क्या-क्या हासिल कर सकती है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि विकास और विरासत दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। उन्होंने सिर्फ एक काजू को ही ब्रांड नहीं बनाया, बल्कि एक जीवनशैली को ब्रांड बनाया है, एक महिला वर्ग को सशक्त बनाया है और गोवा के जंगलों का भविष्य सुरक्षित किया है। यह है नया भारत—जहां एक नारी आगे बढ़कर चुनौतियों को वनों के समान अवसरों में बदल रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि हमारे जंगल आने वाली पीढ़ियों को भी पोषण देते रहें। उनके प्रयासों से गोवा का काजू अब सिर्फ एक नाश्ता नहीं रह गया है; यह आत्मनिर्भर भारत की कहानी है—जंगल के बीचोंबीच खिलता हुआ आत्मनिर्भर भारत।