Shivansh Sain
4 years 4 days ago
जय हिंद PM sir सादर नमस्कार आदरणीय मैंने एक नई खोज की है जिसके लिये न तो मँहगे कोचिग सेन्टर में पैसे लगाये हैं और न ही घर वालों के मैंने जो बच्चपन से विधया अर्जित की है उसका गुणन करते हुए योग और मेडीसिन के द्वारा ॐ का उच्चारण करते हुए कई वर्षों तक ध्यान किया भोलेनाथ ने प्रसन्न होकर आशीर्वाद दिया फलस्वरूप मैंने सन् 2005 से महिलाओं के कंघी करने के बाद टूटे हुए बालों से ॐ की आकृति चित्र बनाया और फिर बडे चित्र बनाये जैसे गणेश, बनीठनी ,शहीद भगत सिंह जी ,गांधी जी आदि के 30 चित्र एक एक बाल से बना चुका हूँ। मेरी यह कला 2007 & 2008 में दो बार लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुकी है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने कहा "your Record is Unique it is unbreakable " मुझे साथ में काम करने का ऑफर भी दिया किन्तु मै अपने देश का पैसा बाहार नही जाने देना चाहता हूँ इसलिए मना कर दिया । मैंने यह कला एक सिद्धि के रूप में सूक्ष्म दृष्टि द्वारा प्राप्त की जो की भारत के युवा वर्ग के लिए प्रेरणादायक और समाज के लिये एक अनमोल उदाहरण है। आप मेरी यह कला एक बार जरूर देखें मैंने आपका भी एक चित्र बनाया है। 🙏💐
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