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Smart City Warangal: Vision for the City

Smart City Warangal: Vision for the City
Start Date :
Sep 24, 2015
Last Date :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
Submission Closed

The Government of lndia has launched an ambitious "Smart Cities Mission" to promote cities that provide core infrastructure and a good quality of life to its citizens, a clean and ...

The Government of lndia has launched an ambitious "Smart Cities Mission" to promote cities that provide core infrastructure and a good quality of life to its citizens, a clean and sustainable environment with the application of 'Smart' Solutions'. The Government of India have identified Warangal as one of the 100 cities to participate for the smart city challenge.

In this context, the Greater Warangal Municipal Corporation (GWMC) is in the process of preparing the Smart City Proposal. The GWMC seeks valuable suggestions of the citizens to formulate the vision for the Smart City Warangal.

A strategic vision shapes a preferred future for a city. A successful vision has economic, spatial, social and environmental dimensions that reflect a city’s unique physical and cultural traits; it provides direction for the activities of the Corporation, citizens and stakeholders; and ensures that citizens, city agencies, and stakeholders are working towards those shared sub-goals. The vision statement should inspire our city’s residents and can even become the branding for our smart city.

The Smart City Advisory Forum of Warangal shall evaluate the vision statement and award the best three entries.

Note: Please restrict to a maximum of 50 words.

Kindly, post your views and ideas till 31st October, 2015.

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Showing 562 Submission(s)
ajay_142
ajay_142 10 years 9 months ago
- स्मार्ट शहरों के नाम पर शहरों का री-डेनसिफ़िकेशन यानि की पुनर्घनत्वीकरण न किया जाये। आप का री-डेनसिफ़िकेशन का विचार ही गलत है। शहर का डेनसिफ़िकेशन यानि कि घनत्व कम कर के और वृक्ष लगाये ताकि वायु प्रदुषण कम हो और नागरिकों को खुले स्थान प्राप्त हो। क्यों दबा-दबा कर शहर का दम घोटते हो भाई। प्राचीन इलाकों को जो कि अच्छे बाग - बगीचों और वृक्षों से भरपूर हों - ऐसे उन इलाकों और उसके आसपास के इलाके कों - उनकी प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखते हुए- ग्रीन फील्ड में बदला जाये। तो इससे आज का हाँफता हुआ
ajay_142
ajay_142 10 years 9 months ago
शहर का डेनसिफ़िकेशन न किया जाये यानि कि उसे और ठूँसा न जाये। आज विकास का मतलब शहरों को और ज्यादा ठूँसना हो गया है। कितनी अजीब बात है न कि- अगर बस या ट्रेन में नागरिको को ठूँसा जाये तो वो कैटल -क्लास हो जाती है। परन्तु यही , शहर में ठूँसने को - विकास का नाम दिया जाता है। यह विकास नहीं विनाश है। शहरों को कैटल -क्लास ना बनायें। जरा शहरों को बीच -बीच में से हल्का करें। पार्क , बगीचे, नहरें , चौड़ी सड़कें , खूब वृक्ष। नहीं तो शहरों में कचरे ,प्रदूषण , आप धापी , ट्रैफिक इत्यादि की समस्या और ब
ajay_142
ajay_142 10 years 9 months ago
शहर का डेनसिफ़िकेशन न किया जाये यानि कि उसे और ठूँसा न जाये। आज विकास का मतलब शहरों को और ज्यादा ठूँसना हो गया है। कितनी अजीब बात है न कि- अगर बस या ट्रेन में नागरिको को ठूँसा जाये तो वो कैटल -क्लास हो जाती है। परन्तु यही , शहर में ठूँसने को - विकास का नाम दिया जाता है। यह विकास नहीं विनाश है। शहरों को कैटल -क्लास ना बनायें। जरा शहरों को बीच -बीच में से हल्का करें। पार्क , बगीचे, नहरें , चौड़ी सड़कें , खूब वृक्ष। नहीं तो शहरों में कचरे ,प्रदूषण , आप धापी , ट्रैफिक इत्यादि की समस्या और ब
ajay_142
ajay_142 10 years 9 months ago
नागरिको की सुरक्षा व कानून व्यवस्था के सुधार हेतू - धार्मिकता को बढ़ावा दिया जाये । कानून के बजाये , ईश्वर का डर दिखलाया जाये । सादगी , संयम , सदाचार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए । सामान्य नागरिकों पर दण्ड आरोपित ना किया जाये। उन्हें समझाईस दी जाकर व अन्य तरह से मौके दिए जाये। जबकि जघन्य अपराधियों को कठोर से कठोर दण्ड दिए जाये। उनके लिए - आँख के बदले आँख जैसी दंड नीति का पालन किया जाये
ajay_142
ajay_142 10 years 9 months ago
- नागरिकों के व्यवहार में सुधार हेतु - अच्छे नागरिक बनाने हेतू समुचित और क्रांतिकारी उपाय अपनाये जाने की आवश्यकता है। धर्म और सादगी को बढ़ावा दिया जाये। भगवान का डर बताया जाये न कि कानून का। स्कूलों में बचपन से गीता, रामायण , वेद , शास्त्र , उपनिषद जैसे ग्रन्थों की पढ़ाई अनिवार्य की जाये तथा कक्षा १२ तक शिक्षा का माध्यम केवल हिन्दी अथवा मातृभाषा में ही हो। अंग्रेजी भाषा के पठन-पाठन और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया जाये। बिजली, पानी जैसे बिलो आदि में जुर्माना न लगाया जाये । सभ्य नागरिकों
ajay_142
ajay_142 10 years 9 months ago
4- सड़कें चौड़ी करने में दिए जाने वाले मुआवजों तथा अन्य खर्चों को कैसे कम किया जाये - सड़कें चौड़ी करने से जिनकी सम्पत्ति /मकान अथवा दुकान मुख्य सड़क अथवा अच्छी लोकेशन पर आ रही हो उनसे वो सारा खर्चा वसूला जाये जो कि विस्थापित सम्पत्तिदारों को बाँटना पड़ रहा हो। इस प्रकार, न केवल खर्चों को रोका जा सकता है अपितु कोई ये भी नहीं कह सकेगा कि यह प्रोजेक्ट फलाँ की सम्पत्ति के सामने से गुजार कर उसे फायदा पहुँचाया गया है। क्योंकि से वह व्यक्ति उसका मूल्य - बाजार मूल्य के बराबर का चुका रहा होगा।
Babita vishvakarma
Babita vishvakarma 10 years 9 months ago
भोपाल शहर को स्मार्ट एंव सुंदर बनाने के लिए सर्वप्रथम यह आवश्यक है कि शिक्षा का जो व्यापारिकरण हो रहा है उस पर प्रतिबंध होना चाहिए ।क्योकि उच्च शिक्षा की बेहतर शहर का निर्माण कर सकती है ।
Babita vishvakarma
Babita vishvakarma 10 years 9 months ago
भोपाल को स्मार्ट सिटी बनाने केलिए आवश्यक है कि यहां निवासरत लोग भी स्मार्ट हो । स्वय सही और गलत की पहचान कर सकें । अपराध को नजर अंदाज न करें । तभी भोपाल स्मार्ट बन सकता है ।
Babita vishvakarma
Babita vishvakarma 10 years 9 months ago
शहर की हरियाली को बढाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए । तभी भोपाल स्मार्ट सिटी बन सकता है ।