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नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क पर कमेंट्स आमंत्रित

Inviting comments on the NATIONAL CREDIT FRAMEWORK
आरंभ करने की तिथि :
Nov 21, 2022
अंतिम तिथि :
Nov 30, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डायनमिक लीडरशिप के ...

हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डायनमिक लीडरशिप के तहत नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने दोनों के बीच फ्लेक्सिबिलिटी एंड मोबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए एकेडमिक और वोकेशनल डोमेन के इंटीग्रेशन को सक्षम करने हेतु नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) विकसित किया है। एनसीआरएफ छात्रों की आगे की प्रगति के लिए कई विकल्प खोलकर और वोकेशनल एजुकेशन और एक्सपेरिएंटिएल लर्निंग के साथ स्कूल और उच्च शिक्षा के इंटर-मिंगल द्वारा एक गेम चेंजर साबित होगा, जिससे स्किलिंग और वोकेशनल एजुकेशन को मुख्यधारा में लाया जा सकेगा। एनसीआरएफ उन छात्रों को भी सक्षम करेगा जो मुख्यधारा की शिक्षा से बाहर हो गए हैं और वे एजुकेशन इकोसिस्टम में फिर से प्रवेश कर सकते हैं।

एनसीआरएफ राष्ट्रीय उच्च शिक्षा योग्यता फ्रेमवर्क (एनएचईक्यूएफ), राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) और राष्ट्रीय स्कूल शिक्षा योग्यता फ्रेमवर्क (एनएचईक्यूएफ) को शामिल करके स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और वोकेशनल और स्किल एजुकेशन के माध्यम से अर्जित क्रेडिट को समेकित रूप से इंटीग्रेट करेगा। यह ट्रेडिशनल फैमिली इनहेरिटेंस, वर्क एक्सपीरिएंस या अन्य तरीकों के माध्यम से इनफॉर्मल रूप से नॉलेज और स्किल हासिल करने वाले वर्कफोर्स हेतु प्रतिभाशाली सीखने की क्षमता वाले छात्रों के लिए गिफ्टिड लर्निंग एबिलिटी और रिकॉग्निशन आफ प्रायर लर्निंग का भी सहयोग करता है।
इंक्लूसिव अम्ब्रेला फ्रेमवर्क का उद्देश्य मल्टीपल एंट्री-मल्टीपल एक्जिट के विकल्पों को सुलभ और उच्च शिक्षा, स्कूल एजुकेशन और वोकेशनल एजुकेशन में लागू करना है, जिससे छात्रों को अपने स्वयं के सीखने के रास्ते और कार्यक्रम चुनने की अनुमति मिलती है।

केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री के मार्गदर्शन में यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीवीईटी, एनआईओएस, सीबीएसई, एनसीईआरटी, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग और उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, डीजीटी और कौशल मंत्रालय के सदस्यों के साथ सरकार द्वारा गठित एक समिति द्वारा संयुक्त रूप से रूपरेखा विकसित की गई है।

सरकार डाक्यूमेंट पर 30 नवंबर तक कमेंट्स और टिप्पणियाँ आमंत्रित कर रही है जो डाउनलोड के लिए नीचे दिए गए लिंक में उपलब्ध है।
National Credit Framework

रिपोर्ट पर फीडबैक comments.ncrf@gmail.com पर भेजा जा सकता है।

फिर से कायम कर देना
385 सबमिशन दिखा रहा है
Dr Chetankumar Nathalal Prajapati
Dr Chetankumar Nathalal Prajapati 3 साल 6 महीने पहले
When the kids reach 1st standard, they should be taught Ramayana, atleast upto 3rd standard in their mother tongue. Teachers again should be senior citizens or above the age of 35 who have a certificate or degree in child psychology. Daily recitation of verses of Shreemad Bhagvad Gita and tables should be the major part of syllabus along with simple maths.
Dr Chetankumar Nathalal Prajapati
Dr Chetankumar Nathalal Prajapati 3 साल 6 महीने पहले
Students of nursery should be taught to recite verses from Trikaal Sandhyaa given by Rev. Paandurang Shastri Aatthvale ji. Small kids should be continuously monitored by senior citizens or teachers of atleast 35 years age meaning to say very mature care takers needed for smaller kids group. Such small kids should have in their syllabus only the festivals, how to celebrate them. They may also be taught about mother tongue alphabets and digits upto 10 only. The concept of Panch Kosh must be strictly laid down and followed by every pre school as well as primary school.