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टिप्पणियाँ (1)
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Vikram Singh
7 महीने 1 week पहले
प्रधानमंत्री जी , क्या हम स्कूल/कालेजों में "Digital volunteer ” कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं ? जहां युवा आसपास के बुजुर्गों को सुरक्षित डिजिटल लेन देन और ai के दौर में डीपफेक से बचना सीखा सके।
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Shubhodeep Goswami
7 महीने 1 week पहले
पुणे के लिए अगर नई ट्रेनें चलाना है या तो वो नई ट्रेनें पुणे या हडपसर तक चलाया जाए और अगर पुणे में जगह नहीं है तो उन ट्रेनों को पुणे रुकते हैं या पुणे बिना रुके skip करते हुए शिवाजीनगर रुकते हुए मुंबई के पनवेल तक चलाया जाए।
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Aryan Kumar
7 महीने 1 week पहले
ok
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Murali G B
7 महीने 1 week पहले
the Indian government AI summit initiative is appreciable and it is an excellent work. It is unfortunate that a Delhi based University tried to cheat the participants with a Chinese robot. It is a clear case of Anti National work done by the University. We expect sedition and cheating cases need to be charged for their actions. We also expect that the University's licences need to be cancelled as an administrative control measure to avoid corrupting the mindset of the students. The vice chancellor of the university is also accountable for this act, since he/she had not conducted the risk assessment and suggested control measures to the government to avoid such violations caused by the University. Common sense is missing from the University!!! may be due to involvement foreign elements? need to be investigated.
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Deshmukh Sachin Sandipan
7 महीने 1 week पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी,
देश में बढ़ते प्लास्टिक कचरे की समस्या के स्थायी समाधान हेतु “वेस्ट प्लास्टिक प्रोडक्ट मशीन (WPPM – थर्मोमेश टेक्नोलॉजी)” जैसी स्वदेशी एवं पेटेंट प्राप्त तकनीक को राष्ट्रीय स्तर पर नगर निगमों, ग्राम पंचायतों, कॉलोनियों एवं सड़क किनारे प्लास्टिक कचरा प्रबंधन में लागू किया जाए। यह तकनीक बिना पृथक्करण के मिश्रित प्लास्टिक को ईंट एवं पेवर ब्लॉक जैसे स्थायी उत्पादों में परिवर्तित करती है। इससे स्वच्छ भारत अभियान को नई गति मिल सकती है। मैं इस विषय पर आपसे मिलकर विस्तृत प्रस्तुति देना चाहता हूँ।
जय हिन्द।
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DHIRAJKUMARBHASKAR
7 महीने 1 week पहले
“The Historical Cost of Civilizational Liberalism and Secular Openness”
mygov_1771533369163784598.pdf
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Raji Vinod
7 महीने 1 week पहले
We extend our heartfelt congratulations to Narendra Modi for articulating and presenting the MANAV Global Manifesto—a Moral, Analytical, National, Accessible, and Valid vision for human-centric Artificial Intelligence. By placing humanity at the core of technological progress, this manifesto transcends national boundaries and affirms that MANAV is not an Indian vision alone, but a shared human vision for the world. It calls upon nations, institutions, and citizens to rise above competition and work together to build moral intelligence, collective intelligence, and compassionate intelligence, ensuring that AI advances serve dignity, equity, and the common good of all humanity—together. Plz give me an oertunity to present My Innovative Farming Model FARM In A Box
which Promise: Ethical Productivity + Predictable Income + Climate Responsibility
mygov_177153064561228681.pdf
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pawankumar
7 महीने 1 week पहले
ji
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papita
7 महीने 1 week पहले
Dear Prime Minister,
Please create an index ranking for media for a reliablity of the news in an fair manner just like CRISIL ranking devised by sanjeev sanyal .TRP at modern times won't work because of internet revolution, the most garbage you see on media will be reduced.
Hope it brings positive outcome
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Sarvesh Sharma
7 महीने 1 week पहले
अध्ययन स्थल की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है जो न केवल शिक्षा और कौशल विकास का केंद्र होगा, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक होगा। यह स्थल बच्चों को एक शांत और अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा जहां वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें। अध्ययन स्थल की स्थापना के लिए सरकारी समर्थन, सामुदायिक भागीदारी, निजी क्षेत्र की भागीदारी और प्रभावी प्रबंधन और संचालन प्रणाली आवश्यक है। मैं आशा करता हूँ कि आप इस विषय पर ध्यान देंगे और अध्ययन स्थल की स्थापना के लिए आवश्यक कदम माता-पिता की मानसिक तनाव में कमी*: अध्ययन स्थल माता-पिता की मानसिक तनाव को भी कम कर सकता है, जो अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। यह स्थल माता-पिता को अपने बच्चों की शिक्षा के बारे में आश्वस्त करेगा और उन्हें अपने बच्चों के भविष्य के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी।
Email भी किया है मैंने आपको
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