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27 फरवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

Inviting ideas for Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 27th February 2022
आरंभ करने की तिथि :
Feb 03, 2022
अंतिम तिथि :
Feb 24, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 86 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

27 फरवरी 2022 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें|

And stay tuned to Mann Ki Baat at 11:00 AM on 27th February 2022.

फिर से कायम कर देना
3171 सबमिशन दिखा रहा है
BrijeshKumar
BrijeshKumar 4 साल 4 महीने पहले
राजकीय महाविद्यालय,अटेली,के हिन्दी विभाग में तैनात रामचरण पौफसर महाविद्यालय के छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करता है और गंदी बातें बोलता है साथ ही अरलील गाली देता है कृपया करके इस का समाधान कर आप की अति कृपा होगी
BrijeshKumar
BrijeshKumar 4 साल 4 महीने पहले
राजकीय महाविद्यालय,अटेली,के हिन्दी विभाग में तैनात रामचरण पौफसर महाविद्यालय के छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करता है और गंदी बातें बोलता है साथ ही अरलील गाली देता है कृपया करके इस का समाधान कर आप की अति कृपा होगी
Rama Venktappa Naik
Rama Venktappa Naik 4 साल 4 महीने पहले
माननीय प्रधान मंत्री जी के लिए, इस देश में आसक्ति धर्म के नैतिक आधार आज समान नहीं हैं। लेकिन हमारे सामने इस मानसिकता को दूर करने की चुनौती है कि कुछ धार्मिक बुरी आत्माएं भारत में अशांति पैदा कर सकती हैं और पैदा कर सकती हैं। भारत दुनिया को रोशन करने की कगार पर है। हालांकि, यह विडंबना है कि भारत को विदेशी जमीन पर छोटी-छोटी घटनाओं के साथ चित्रित करने का प्रयास देश के विदेशी मीडिया नेटवर्क द्वारा देश के लिए ब्लैकआउट बनाने के लिए किया गया है। मेरा निवेदन है कि ऐसी सभी बुरी आत्माओं की जांच की जाए, उनकी आर्थिक उत्पत्ति और कानून द्वारा मुकदमा चलाया जाए।
Swetha Kannan
Swetha Kannan 4 साल 4 महीने पहले
11. Indian citizen can travel within India, to see tourist places, historical places. They can even utilize LTC amounts for the trips. This will help to understand India better, and since Azathi ka amrith mohothsav , people also can relate our past glorious historical olaces , knowing about freedom fighters, knowing about musuems , knowing self cities etc. This will help as educational , increasing knowledge etc.
Vipul Kumar
Vipul Kumar 4 साल 4 महीने पहले
विषय: पुरानी व्यावसायिक संपत्ति के लीज रेंट के रजिस्ट्रेशन शुल्क को न्याय संगत (शुल्क मुक्त अथवा कम दर) किये जाने के सम्बन्ध में। (नीतिगत विषय) उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन विधेयक 2021 अधिसूचना के अध्याय दो के प्रस्तर संख्या 4 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार पुराने मकान मालिक व किरायेदारों पर नए कानून के प्रावधान लागू होंगे और मकान मालिक व किरायेदारों के मध्य किरायेनामा लिखित में होगा एवं उसको जनपदीय रेंट अथॉरिटी के पास रजिस्टर्ड किया जायेगा। उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक संपत्ति के किरायेनामे (लीज डीड) को रजिस्टर्ड करने के लिए स्टाम्प ड्यूटी के अतिरिक्त एक फीसदी रजिस्ट्रेशन शुल्क देना पड़ता है। उत्तर प्रदेश में किराये को रजिस्टर्ड करने के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क की दर अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। जिसके कारण से उत्तर प्रदेश में किराये की सभी प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड नहीं होती है। सभी प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड नहीं होती है। इससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही है। अतः उत्तर प्रदेश में स्टाम्प ड्यूटी को तर्क संगत बनाना परम आवश्यक है। संलग्नक यथोपरि
Bhaskarshetty
Bhaskarshetty 4 साल 4 महीने पहले
Dear Prime Minister Narendra Modiji Greetings Of The Day ಜಗತ್ತಿನ ಕೋಟ್ಯಂತರ ಭಾರತೀಯರ ಹೃದಯದಲ್ಲಿ ಸಾಮ್ರಾಟರಂತೆ ನೆಲೆಸಿರುವಂತ ನನ್ನ ಹೆಮ್ಮೆಯ ಪ್ರಧಾನಿಗೆ ಕನ್ನಡಿಗರ ಪರವಾಗಿ ಕೋಟಿ ನಮಸ್ಕಾರಗಳು , ನಾನು ಭಾಸ್ಕರ್ ಶೆಟ್ಟಿ ಎಂದು ಉಡುಪಿ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಒಂದು ಪುಟ್ಟ ಗ್ರಾಮದಿಂದ ನನ್ನ ಒಂದು ಬಯಕೆಯನ್ನ ನಿಮ್ಮ ಮನ್ ಕಿ ಬಾತ್ ಗಾಗಿ ಬರೆಯುತ್ತಿದ್ದೇನೆ , ದಯವಿಟ್ಟು ವಿಮರ್ಶಿಸಬೇಕು ಜನರಲ್ಲಿ ಆಧ್ಯಾತ್ಮ ಭಾವನೆ ಉತ್ತೇಜಿಸಲು ಬೆಳಗಿನ ಸುಪ್ರಭಾತಕ್ಕಾಗಿ ಹಾಗೂ ಪೂರ್ವಿಕರು ಬಿತ್ತಿ ಬೆಳೆದಿರುವ ವೇದಮಂತ್ರಗಳ ಶಕ್ತಿ ಮಹತ್ವವನ್ನ ಯುವಜನತೆಗೆ ಉತ್ತೇಜಿಸಲು ದೇಶದ ಎಲ್ಲ ರಾಜ್ಯಗಳಲ್ಲಿ ಆಯಾ ಭಾಷೆಗಳಲ್ಲಿ FM ರೇಡಿಯೋ ದಿನದ ೨೪ ಘಂಟೆ ನಡೆಯುವಹಾಗೆ ಮಾಡಬೇಕಾದ ಅವಶ್ಯಕತೆ ಈ ಒತ್ತಡದ ಜೀವನದಲ್ಲಿ ಅಗತ್ಯಇದೆ ಎಂದು ನನ್ನ ಅನಿಸಿಕೆ ಹಾಗೂ ಇದನ್ನ ಸರಕಾರದ ಬೊಕ್ಕಸಕ್ಕೆ ಹೊರೆಯಾಗಿಸಿಕೊಳ್ಳದೆ ಇದನ್ನ ಸರಕಾರದ ಆಧೀನದಲ್ಲಿರುವ ದೇವಸ್ಥಾನಗಳ ಭಕ್ತರ ಕಾಣಿಕೆಯಿಂದ ನಡೆಸಬೇಕಾಗಿ ನನ್ನ ವಿನಂತಿ , ಹಾಗೂ ಇದು ನಿಮ್ಮಿಂದಲ್ಲದೆ ಬೇರಾರಿಂದಲೂ ಅಸಾಧ್ಯ ವಾದ ಮಾತು , ದಯವಿಟ್ಟು ಯೋಚಿಸಿ ಒಂದು ನಿರ್ಧಾರ ತೆಗೆದುಕೊಳ್ಳ ಬೇಕೆಂದು ಎಲ್ಲ ಹಿಂದೂ ಭಾಂದವರ ಪರವಾಗಿ ನನ್ನದೊಂದು ನಿಮ್ಮದೇ ಯೋಚನೆ ಎಂದು ಜನರಲ್ಲಿ ತಿಳಿಸಬೇಕಾಗಿ ನನ್ನ ಕಳಕಳಿಯ ವಿನಂತಿ.
Prahalad Rajagopalan
Prahalad Rajagopalan 4 साल 4 महीने पहले
Dear Respected Prime Minister of India H.E. Shri. Narendra Modi ji, I have already sent my suggestion for Your Excellency's monthly radio address to the nation 'Mann Ki Baat' for the month of February 2022. This is another suggestion from me, that happened yesterday, which is very promising to India as a sporting nation. Happy and proud to learn that Mumbai will be hosting IOC session in 2023, after a gap of 4 decades, which might push India's chances of hosting the Olympics in the future. Hearty congratulations to Mrs. Nita Ambani, Shri. Anurag Thakur, Shri. Narinder Dhruv Batra and Abhinav Bindra for bringing us all much closer to the Olympic movement. I assure you that my city Palakkad, in my home state of Kerala, will be more than willing to successfully bid, canvas and campaign on behalf of India to host this mega international sporting event in future given half a chance. Once again hearty congratulations. Thanking you. Yours truly, Prahalad Rajagopalan
Vipul Kumar
Vipul Kumar 4 साल 4 महीने पहले
विषय: उत्तर प्रदेश राज्य के निराश्रित दिव्यांगजन के भरण-पोषण हेतु अनुदान (दिव्यांग पेंशन) हेतु प्रति-वर्ष निर्धारित आय सीमा (ग्रामीण क्षेत्रों में रू. 46080/- तथा शहरी क्षेत्रों में रू. 56460/- प्रति परिवार) को न्याय संगत किये जाने के सम्बन्ध में। (नीतिगत विषय) अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजना के अन्तर्गत अनुदान की दर रू. 1000/- प्रतिमाह दी जाती है। ताकि वे इस राशि से अपना भरण-पोषण कर सके। दिव्यांग व्यक्तियों को अपनी आजीविका चलाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। विकलांगता के कारण ये लोग काम करने में सक्षम नहीं हो पाते हैं, जिससे इनके परिवार वाले भी इनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं। इन लोगों को जीवन-यापन करने लिए दूसरे लोगों पर निर्भर रहना पड़ता हैं। योजना के अन्तर्गत वही दिव्यांगजन अनुदान के पात्र होते है जिनकी आय गरीबी की रेखा वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में रू. 46080/- तथा शहरी क्षेत्रों में रू. 56460/- प्रति परिवार प्रति-वर्ष निर्धारित है। दिव्यांगजन अनुदान की आय सीमा प्रति परिवार प्रति-वर्ष बहुत कम है और इसको समय के साथ साथ बढ़ाया नहीं गया है। संलग्नक यथोपरि