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Gandhi@150 के अवसर पर समारोह

आरंभ करने की तिथि :
Aug 09, 2019
अंतिम तिथि :
Jan 30, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

जिस महान व्यक्तित्व ने पूरी दुनिया को बताया कि सौम्यता व विनम्रता से ...

जिस महान व्यक्तित्व ने पूरी दुनिया को बताया कि सौम्यता व विनम्रता से दुनिया बदली जा सकती है। उनकी 150 वीं जयंती के साथ एक नई शुरुआत की जा रही है। वे अपने पीछे नैतिकता, आत्मसम्मान, क्षमा, अहिंसा और सत्याग्रह आदि की विरासत छोड़ गए हैं। अब दुनिया तेजी से विकसित हो रही है और सभी के सतत और समावेशी विकास के लिए कुछ पहलूओं पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

गांधी स्मृति और दर्शन समिति इस डिजिटल मंच पर आपको खुली चर्चा के लिए आमंत्रित करती है जहां आप अपने बहुमूल्य विचारों को साझा कर सकते हैं।

इन विचारों को महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती समारोह के लिए समर्पित विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन में समिति द्वारा उपयोग किया जा सकता है।

भेजने की अंतिम तिथि जनवरी 30, 2020 है।

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RONAK MEHTA
RONAK MEHTA 6 साल 5 महीने पहले
IT'S NOT ONLY CELEBRATION OF 150 YEARS OF BIRTH OF A FATHER OF NATION,ALSO 150 YEARS OF A LIVE EPIC,JOURNEY OF A COMMON MAN TO BECOMING A LEGEND,HIS LIFE IS JOURNEY OF SO MANY PROBLEMS,HINDRANCES TO FACE,THE UNKNOWN KEEN SHARP EFFECTIVE WEAPONS OF NON-VIOLENCE & SATYAGRAH,HIS THINKING,MORALS,VIEWS ARE MUST BE SALUTES,BEING A GREAT LEADER,LEGEND STILL HIS SIMPLICITY,THE PRINCIPALS OF HIS LIFE,WAY OF TALK,BEHAVIOUR TO ANOTHER PERSON,A PHYSICALLY THIN,SKINNY BUT A FIRM,FEARLESS PERSON INSIDELY.
Mohammad Tauseef Reyaz
Mohammad Tauseef Reyaz 6 साल 5 महीने पहले
महात्मा गांधी के नाम से मशहूर मोहनदास करमचंद गांधी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक नेता थे। सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धान्तो पर चलकर उन्होंने भारत को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इन सिद्धांतों ने पूरी दुनिया में लोगों को नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता आन्दोलन के लिये प्रेरित किया।Jul 20, 2015
VIJAY KUMAR VISHWAKARMA
VIJAY KUMAR VISHWAKARMA 6 साल 5 महीने पहले
डिजिटल माध्यम में गांधी जी पर तथ्य से परे लेख या कुतर्क प्रसारित हैं उन्हें चिन्हित कर हटाना तथा प्रिंट माध्यम में उपलब्ध गांधी साहित्य आम जनों को पढ़ने के लिए जगह जगह मिनी लाइब्रेरी की स्थापना गांधी विचारों को व्यापकता प्रदान कर सकती है । मिनी लाइब्रेरी स्थापित करने हेतु हर गांव शहर के वार्ड वार बुद्धिजीवियों को चिन्हित कर कुछ महत्वपूर्ण गांधी साहित्य नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा सकता है शेष पुस्तकें जनसहयोग से क्रय कर पुस्तकालय की पाठय सामग्री में निरन्तर बढ़ोत्तरी की जा सकती है ।
VIJAY KUMAR VISHWAKARMA
VIJAY KUMAR VISHWAKARMA 6 साल 5 महीने पहले
नैतिकता, आत्मसम्मान, क्षमा, अहिंसा और सत्याग्रह - ये क्या हैं और इन्हे कैसे अपने जीवन में उतारा जा सकता है इस हेतु अनवरत कार्यशालाएं सम्पन्न होनी चाहिए । जैसे नुक्कड़ नाटक मंडली होती है ऐसे ही मंडली बनाकर गांधी जी के सिद्धांतों को घर घर पहुंचकर समझाना उनके जयंती समारोह को सार्थक बना सकता है । सबसे बढ़िया है गांधी जी के बारे में पढ़ना और विमर्श करना । स्थानीय स्तर पर इस मुहीम को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ।
joony mali
joony mali 6 साल 5 महीने पहले
महात्मा गाँधी जी एक ईश्वर के अवतार थे । जिसे कालांतर में गाँधी जी और उनके द्वारा किये गए रचनात्मक कार्यों को भुला दिया गया । मैंने देखा कि हमारे महापुरुषों का सिर्फ जयंती और पुण्यतिथि मनाकर इति श्री कर दिया जा रहा है और उसके बाद सत्ता की छटपटाहट में भारत विरोधी कारनामों को भी नजरअंदाज करते हुए उसे पुष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं । गाँधी जी के बिना स्वच्छ,स्वस्थ और स्वावलंबी भारत की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं । खादी और ग्रामोद्योग को कागज पर लिख कर कतिन बुनकरों का रोजगार छीन लिया गया है ।
Raghvendra Singh Tomar
Raghvendra Singh Tomar 6 साल 5 महीने पहले
गांधी जी के बारे में लिखने से ज्यादा उनके जीवन को आत्मसात करने की जरूरत है। लिखने को तो बहुत लिख चुका है, लेकिन उनके बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है। सत्य,अहिंसा और परोपकार।